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Bagalamukhi Jayanti 2026 :  बगलामुखी माता की जयंती कल , राजसत्ता की देवी हैं

माँ बगलामुखी (या बांग्लामुखी) दस महाविद्याओं में से एक शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Bagalamukhi Jayanti 2026 :  माँ बगलामुखी (या बांग्लामुखी) दस महाविद्याओं में से एक शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी का अवतरण दिवस है। मां की जयंती वर्ष 2026 में 24 अप्रैल को मनाई जाएगी। देवी बगलामुखी शक्ति साधना और शत्रु-विनाश के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मां बगलामुखी को पीतांबरा भी कहा जाता है। यह नकारात्मकता और वाक्शक्ति को वश में करती हैं।

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पौराणिक कथा
एक समय की बात है, जब पूरे ब्रह्मांड में भयंकर तूफान और प्रलय जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। यह तूफान इतना शक्तिशाली था कि सृष्टि का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया। तब सभी देवता मिलकर भगवान विष्णु के पास गए और उनसे इस संकट से बचाने की प्रार्थना की। भगवान विष्णु ने तपस्या की और उनकी तपस्या से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई—माँ बगलामुखी। देवी का प्राकट्य पीले रंग के तेजस्वी रूप में हुआ, इसलिए उन्हें “पीताम्बरा देवी” भी कहा जाता है। माता की साधना में पीले रंग का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है।

पीतांबरा पीठ
दतिया स्थित मां पीतांबरा पीठ की जहां बगलामुखी देवी के रूप में भक्त उनकी आराधना करते हैं। राजसत्ता की कामना रखने वाले भक्त यहां आकर गुप्त पूजा अर्चना करते हैं। मां पीतांबरा शत्रु नाश की अधिष्ठात्री देवी होने के साथ ही राजसत्ता की देवी भी कहलाती हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से भी पीले रंग का विशेष महत्व है। यह रंग बृहस्पति ग्रह से जुड़ा है, जिसे ज्ञान, वाणी और बुद्धि का कारक माना जाता है।

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