भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास न होने के बाद कांग्रेस संवैधानिक पदों का अपमान कर रही है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह प्रधानमंत्री पर हमले करती रही है।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बार-बार निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के पास न होने के बाद कांग्रेस संवैधानिक पदों का अपमान कर रही है। पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह प्रधानमंत्री पर हमले करती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री को 150 बार अपशब्द कहे हैं। संसद में महिला आरक्षण को हराने के बाद अब रेवंत रेड्डी बार-बार ऐसी हरकतें करते हैं, जिन्होंने सनातन धर्म का अपमान किया है। उन्होने कहा कि कांग्रेस का मतलब मुसलमान है और अब प्रधानमंत्री को अपशब्द कह रहे हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री महिलाओं के साथ खड़े हैं। इससे पता चलता है कि कांग्रेस किसी भी संवैधानिक पद का सम्मान नहीं करती। यह सब तब हुआ जब संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) बिल लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्ष ने देश को तबाह करने के लिए लाए गए बिल को हराने में मदद की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने महिला आरक्षण को सिर्फ़ एक बहाने के तौर पर इस्तेमाल किया ताकि लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाई जा सके और दो-तिहाई बहुमत हासिल किया जा सके। रेड्डी ने कहा कि भाजपा की नीयत साफ़ नहीं थी। इन बिलों को सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए एक मुखौटे के तौर पर पेश किया गया था। महिला आरक्षण को लागू करने के लिए दूसरे बिल लाने की कोई ज़रूरत नहीं थी। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस बिल को परिसीमन (सीटों के बंटवारे) से जोड़ने का मकसद सीटों की संख्या बढ़ाकर लगभग 850 तक ले जाना था, ताकि सत्ताधारी पार्टी को संवैधानिक प्रावधानों में बदलाव करने के लिए ज़रूरी संख्या मिल सके। रेड्डी ने तर्क दिया कि महिला आरक्षण को बिना किसी नए परिसीमन के मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के अंदर ही लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोमवार को महिला आरक्षण के लिए एक नया बिल लेकर आइए। हम उसका समर्थन करेंगे यह पूरी प्रक्रिया छह महीने के अंदर पूरी की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह कानून बिना किसी छिपे हुए मकसद के लाया जाता है, तो INDIA गठबंधन इसका पूरा समर्थन करने के लिए तैयार है।