केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष बल दिया गया है।
Budget 2026 : केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष बल दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में नारियल और चंदन खेती (Sandalwood farming) को बढ़ावा देने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजित करने और कृषि पद्धतियों का आधुनिकीकरण करने के लिए लक्षित उपायों का प्रस्ताव रखा है। सरकार किसानों को सिंचाई, कीट नियंत्रण, इंटरक्रॉपिंग(Intercropping) और आधुनिक तकनीक की सहायता देगी। चंदन खेती में 15-20 वर्षों में प्रति एकड़ 1.5-3.5 करोड़ रुपये का अनुमानित मुनाफा संभव है। यह कदम किसानों की आय और कृषि विकास को मजबूती देगा।
ग्रामीण आजीविका
रविवार, 1 फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए ₹1,62,671 करोड़ के आवंटन की घोषणा की, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान ₹1,51,853 करोड़ से 7% अधिक है। यह आवंटन किसान कल्याण, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।
नारियल प्रोत्साहन योजना
भारत, जो विश्व में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है, एक नई नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू करेगा जिसका लक्ष्य प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में अनुत्पादक पेड़ों को उन्नत किस्मों से बदलकर उत्पादकता बढ़ाना है। लगभग 3 करोड़ लोग, जिनमें लगभग 1 करोड़ किसान शामिल हैं, अपनी आजीविका के लिए नारियल की खेती पर निर्भर हैं।
काजू और कोको
बजट में भारतीय काजू और कोको के लिए एक समर्पित कार्यक्रम का भी प्रस्ताव है, जिसका उद्देश्य कच्चे माल के उत्पादन और प्रसंस्करण में देश को आत्मनिर्भर बनाना है, और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांडों में बदलना है।
नारियल खेती में मदद
भारत दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है, जिसमें 90% से अधिक उत्पादन केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होता है। बजट में कहा गया कि तटीय राज्यों के किसानों को सिंचाई, इंटरक्रॉपिंग और कीट नियंत्रण जैसी तकनीकी मदद दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, नारियल के लिए अच्छी जल निकासी वाली रेतीली दोमट मिट्टी और 5-7 साल पुराने पेड़ सबसे उपयुक्त होते हैं।
हालांकि केरल में नारियल का सबसे ज्यादा क्षेत्र है, प्रोडक्टिविटी के मामले में तमिलनाडु आगे है। गैर-पारंपरिक क्षेत्र जैसे असम, त्रिपुरा और तटीय महाराष्ट्र में भी खेती बढ़ाई जाएगी। कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड इस विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा।
चंदन खेती में निवेश और लाभ
सीतारमण ने कहा कि बजट में चंदन की खेती को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह लंबी अवधि वाला, लेकिन अत्यधिक लाभकारी निवेश माना जाता है। मुख्य उत्पादन क्षेत्र कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल हैं, हालांकि यह अन्य राज्यों में भी फैल रहा है।
लाभ : 15-20 वर्षों में प्रति एकड़ 1.5-3.5 करोड़ रुपये का अनुमानित नेट मुनाफा
नियम : पेड़ों का राज्य वन विभाग में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य; कटाई केवल विभाग की देखरेख में
बाजार : बिक्री आमतौर पर सरकार द्वारा आयोजित नीलामी के माध्यम से
‘भारत विस्तार’ AI प्लेटफॉर्म
बजट 2026 में कृषि क्षेत्र के लिए डिजिटल पहल की घोषणा करते हुए ‘भारत विस्तार’ नामक मल्टी-लिंगुअल AI प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का एलान किया। इसका उद्देश्य किसानों तक कृषि से जुड़ी सही और समय पर जानकारी पहुंचाना है, जिससे खेती में बेहतर फैसले लिए जा सकें।