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Budh Pradosh Vrat 2024 : बुध प्रदोष व्रत में करें इन नियमों का पालन , साधक के सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है

भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत का  पालन करने से महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Budh Pradosh Vrat 2024 : भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत का  पालन करने से महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस विशेष दिन पर भगवान शिव की उपासना करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।

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बुध प्रदोष व्रत 2024 मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 03 जुलाई सुबह 07:10 पर शुरू हो रही है और इसका समापन 04 जुलाई सुबह 05:55 पर होगा। ऐसे में बुध प्रदोष व्रत 03 जुलाई 2024, बुधवार के दिन रखा जाएगा। इस विशेष दिन पर प्रदोष पूजा मुहूर्त शाम 07:30 से रात्रि 09:30 के बीच रहेगा।

प्रदोष व्रत करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। प्रदोष व्रत के दिन प्याज, लहसुन जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन मांस, मदिरा इत्यादि का सेवन भी वर्जित है। ऐसा करने से देवी-देवता क्रोधित हो जाते हैं।

बुध प्रदोष व्रत का फल
बुध प्रदोष व्रत करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही कुंडली में बुध ग्रह भी मजबूत होता है। बुध प्रदोष व्रत पर भगवान गणेश की भी उपासना की जाती है। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के सुख और सौभाग्य में बढ़ोतरी होती है।

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