Surya Grahan 2025 : खगोल की अद्भुत और रहस्यों से भरी घटना सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर
Surya Grahan 2025 : खगोल की अद्भुत और रहस्यों से भरी घटना सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूर्य ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर
Sharadiya Navratri 2025 : मां आदिशक्ति जगत जननी जगदम्बें की पूजा उपासना के दिन नवरात्रि का शुभ आगमन होने वाला है। 22 सितंबर 2025 , सोमवार से शारदीय नवरात्र शुरू होगी। इस बार नवरात्र तिथि में एक तिथि बढ़ रही है। इस साल श्राद्ध पक्ष में एक तिथि का क्षय
Sarva Pitru Amavasya 2025 : सनातनधर्म में पितृपक्ष में पितरों के आत्मा आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान,श्राद्ध करने की परंपरा है। पितृपक्ष में तिथि के अनुसार पितरों का श्राद्धकिया जाता है। पितृ पक्ष के 15 दिनों में अंतिम दिन सर्व पितृ अमावस्या महत्वपूर्ण होता है। इस दिन वो
Solar Eclipse 21 September 2025: साल का आखिरी सूर्यग्रहण कल यानी 21 सितंबर को लगने वाला है। पितृपक्ष के समापन लगा रहा यह ग्रहण आंशिक होगा। इससे पहले 7 सितंबर को चंद्रग्रहण के साथ पितृपक्ष की शुरुआत हुई थी, जोकि भारत समेत कई देशों में देखा गया था। ऐसे में सबसे
Shardiya Navratri 2025 : शक्ति और साधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर सोमवार से शुरू हो रहा है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव का प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप को समर्पित है। नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा तिथि पर पर्वतराज हिमालय की पुत्री मां
19 सितम्बर 2025 का राशिफलः शुक्रवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए, वृषभ राशि के लोग धन से जुड़ा कोई निर्णय सोच-समझकर लें। मेष – आज का दिन साहस और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। प्रेम जीवन में नज़दीकियाँ
Akhand Jyoti in Sharadiya Navratri : मां दुर्गा की उपासना का विशेष पर्व शारदीय नवरात्रि को जीवन में प्रकाश और शक्ति का दुर्लभ अवसर माना जाता है। नौ दिवसीय इस विशेष उपासना पर्व में मां दुर्गा के भक्त कठिन नियमों का पालन कर मां से ज्ञान, भक्ति और समृद्धि का
Trayodashi Shradh 2025 : पितृपक्ष के त्रयोदशी का श्राद्ध कल मनाया जाएगा। कल उन पित्रगणों का श्राद्ध किया जाएगा जिनकी मृत्यु त्रयोदशी तिथि को हुई है। इस श्राद्ध में मुख्य रूप से उन अल्पायु पितरों और मृत बच्चों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी आयु दो वर्ष से अधिक हो।
18 सितम्बर 2025 का राशिफलः गुरुवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए, वृषभ राशि के लोग धैर्य और संयम बनाए रखें। मेष – आज भाग्य आपका साथ देगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। परिवार में आनंद का माहौल रहेगा। आर्थिक लाभ की संभावना है। वृषभ – धैर्य और संयम
जम्मू। माता वैष्णों देवी की यात्रा बुधवार से फिर शुरू हो गयी है। भूस्खलन की वजह से माता वैष्णों देवी की यात्रा बीते 22 दिनों से स्थगित थी। भूस्खलन में 34 लोगों की जान चली गयी थी, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। माता वैष्णों देवी की यात्रा
Shardiya Navratri 2025 : शक्ति ,भक्ति आर आस्था का पर्व शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का विशेष अवसर है। मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि में जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा पृथ्वी लोक पर आती हैं और भक्तों को सुख समृद्धि का वरदान दे कर जाती है।
Kanya Sankranti 2025 : सूर्य देव को आत्मा का कारक कहा जाता है। सूर्य देव ग्रहों का राजा भी कहा जाता है। ब्रह्माण्ड (universe) में उर्जा और प्रकाश के मुख्य स्रोत्र के रूप में सूर्य नारायण की पूजा होती है। सूर्य देव आनी चाल चलते हुए जब कन्या राशि में
17 सितम्बर 2025 का राशिफलः बुधवार का राशिफल आचार्य रत्नाकर तिवारी से जानिए, मिथुन राशि के लिए आज नए अवसर सामने आएंगे। मेष – आज का दिन कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान लेकर आएगा। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। सेहत का ध्यान रखें। वृषभ –
Vishwakarma Puja 2025 : अखिल ब्रह्मांड के अद्भुत वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा की पूजा प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को मनायी जाती है। इस दिन पूरे विधि विधान से रचनात्मक कला, कौशल , निर्माण के प्रणेता भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा करने का विधान है। प्राचीन ग्रंथों और शास्त्रों में
Guru Nakshatra Parivartan 2025 : ज्योतिष में सुख-सौभाग्य के कारक माने जाने वाले बृहस्पति देव का पद नक्षत्र परिवर्तन होगा। पंचांग के अनुसार,19 सितंबर को देवगुरु बृहस्पति दोपहर 2 बजकर 01 मिनट पर पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय पद में प्रवेश कर जाएंगे। देवगुरु का नक्षत्र परिवर्तन बहुत खास माना जा