1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Chaitra Kalashtami 2025 : कालाष्टमी के दिन काल भैरव को करें प्रसन्न, भक्तों को भय और शत्रुओं से दिलाते हैं मुक्ति

Chaitra Kalashtami 2025 : कालाष्टमी के दिन काल भैरव को करें प्रसन्न, भक्तों को भय और शत्रुओं से दिलाते हैं मुक्ति

हिन्दू धर्म में कालाष्टमी पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है. इस दिन भगवान काल भैरव की बड़े ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Chaitra Kalashtami 2025 :  हिन्दू धर्म में कालाष्टमी पर्व का बहुत अधिक महत्व होता है। इस दिन भगवान काल भैरव की बड़े ही विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र और उग्र रूप माना जाता है, जिन्हें मृत्यु, संहार, रक्षा और भय का देवता भी कहा जाता है। काल भैरव को दंडपाणी भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि वे पापियों को दंड देते हैं। भैरव को काशी के कोतवाल भी कहा जाता है।

पढ़ें :- 17 अप्रैल 2026 का राशिफल : इन 5 राशियों के लिए शुभ रहेगा कल का दिन, अचानक मिल सकती है गुड न्यूज, पढ़ें अपना राशिफल

पूजा करने से मिलती है नकारात्मक ऊर्जा से  मुक्ति 
कालाष्टमी का पर्व हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी संकट और परेशानियां दूर हो जाती हैं। कालाष्टमी के दिन, भगवान काल भैरव की पूजा करने से भक्तों को भय और शत्रुओं से मुक्ति मिलती है। काल भैरव की पूजा करने से शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है। काल भैरव भक्तों को धन, समृद्धि और सफलता प्रदान करते हैं। काल भैरव की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा से भी मुक्ति मिलती है|

कालाष्टमी अष्टमी तिथि
पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 मार्च को सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 23 मार्च को सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगी। निशा काल में भगवान काल भैरव की पूजा विशेष महत्व है। ऐसे में 22 मार्च को चैत्र माह की कालाष्टमी मनाई जाएगी| इसी दिन इसका व्रत और भगवान काल भैरव का पूजन किया जाएगा

जरूरतमंदों को दान करें
कालाष्टमी के दिन काल भैरव मंदिर जाएं और वहां उनकी पूजा करें। मंदिर में गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें।

काले कुत्ते को भोजन कराना
काला कुत्ता भगवान काल भैरव का वाहन माना जाता है। इसलिए, कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है|

पढ़ें :- Vaishakh Amavasya 2026 : वैशाख अमावस्या पर पितरों का स्मरण करने से मिलेगा विशेष पुण्य फल , बाधाएं दूर होंगी

काल भैरव के मंत्रों का करें जाप
कालाष्टमी के दिन, काल भैरव के मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी होता हैै आप “ॐ काल भैरवाय नमः” या “ॐ श्री बटुक भैरवाय नमः” मंत्र का जाप कर सकते हैं।

सरसों के तेल का दीपक जलाना
कालाष्टमी के दिन, काल भैरव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है।

काले वस्त्रों का दान
कालाष्टमी के दिन, गरीबों और जरूरतमंदों को काले वस्त्र, काले तिल या काले चने का दान करना बहुत शुभ माना जाता है|

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...