Chardham Yatra Registration 2026 : चारधाम यात्रा 2026 (Chardham Yatra 2026 ) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। उत्तराखंड सरकार ने यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
Chardham Yatra Registration 2026 : चारधाम यात्रा 2026 (Chardham Yatra 2026 ) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) ने यात्रा से पहले रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) की वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in और मोबाइल ऐप टूरिस्ट केयर उत्तराखंड से कर सकते हैं।
19 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुलेंगे। 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) के कपाट खुलेंगे। श्रीहेमकुण्ड साहिब (Shri Hemkund Sahib) की आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।
आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण
उत्तराखंड सरकार (Uttarakhand Government) की ओर से बताया गया है कि चारधाम यात्रा 2026 में आने के लिए भारतीय श्रद्धालु अपना पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से कर सकेंगे, जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आधार कार्ड नहीं है तो ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन
जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी पंजीकरण काउंटरों की व्यवस्था की गई है। इन काउंटरों पर रजिस्ट्रेशन कपाट खुलने से दो दिन पूर्व, 17 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ की जाएगी। पंजीकरण केन्द्र एवं ट्रांजिट कैंप ऋषिकेश, पंजीकरण केन्द्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केंद्र विकास नगर देहरादून में खुलेंगे।
टोल फ्री नंबर पर मिलेगी जानकारी
श्रद्धालु किसी भी प्रकार की जानकारी या असुविधा होने पर टोल फ्री नंबर 0135-1364 पर कॉल कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि यात्रा को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए यात्रा से पूर्व अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवा लें।
चार धाम यात्रा का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमुनोत्री से यात्रा शुरू करने पर चारधाम यात्रा में किसी भी प्रकार की रुकावट भक्तों को नहीं आती है। यमुनोत्री, यमुना नदी का उद्गम स्थल है। यमुना जी यमराज की बहन हैं और उन्हें वरदान प्राप्त है कि वह अपने जल के माध्यम से सभी का दुख दूर करेंगी। मान्यता है कि जो श्रद्धालु यमुनोत्री में स्नान करता है, उसे मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है। हर साल की तरह इस बार भी बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।