1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. पूर्णिया से कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने बतौर निर्दलीय भरा पर्चा, नामांकन के बाद बोले-मेरी राजनीतिक हत्या की रची गई साजिश

पूर्णिया से कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने बतौर निर्दलीय भरा पर्चा, नामांकन के बाद बोले-मेरी राजनीतिक हत्या की रची गई साजिश

पूर्व सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने गुरूवार को नामांकन दाखिल कर दिया। इसके बाद कहा कि वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन (Nomination) जरुर किया है, लेकिन कांग्रेस (Congress) का समर्थन राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का आर्शीवाद प्राप्त है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

पूर्णिया। पूर्व सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने गुरूवार को नामांकन दाखिल कर दिया। इसके बाद कहा कि वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन (Nomination) जरुर किया है, लेकिन कांग्रेस (Congress) का समर्थन राहुल गांधी व प्रियंका गांधी का आर्शीवाद प्राप्त है।

पढ़ें :- अखिलेश, बोले- पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय बलों का हुआ दुरुपयोग, फिर भी ममता की होगी ऐतिहासिक जीत

उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन को खत्म करने की बड़ी साज़िश रची गई थी, जो ध्वस्त हो गया। उन्होंने खुलकर तो नहीं लेकिन इशारों में राजद (RJD) पर भी निशाना साधा। साथ यह भी कहा कि प्रदेश में कांग्रेस व इंडी गठबंधन को जिताने का हर प्रयास वे करेंगे।

पप्पू यादव (Pappu Yadav) के मैदान में आ जाने से पूर्णिया की लड़ाई अब त्रिकोणीय हो गई है। पप्पू यादव के नामांकन को लेकर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पप्पू यादव ने दिल्ली पहुंचकर पवन खेड़ा की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने, अपनी पार्टी के विलय का ऐलान कर दिया था, लेकिन तकनीकी रूप से अभी तक ऐसा हुआ नहीं था।

इसका मतलब है कि पप्पू यादव (Pappu Yadav) तकनीकी रूप से कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं और पार्टी निर्दलीय नामांकन करने के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं कर सकती। पप्पू यादव (Pappu Yadav) , लालू के करीबी रहे हैं और आरजेडी प्रमुख के हर दांव-पेच को समझते हैं। पप्पू यादव कांग्रेस में शामिल होने से पहले लालू से मिलने राबड़ी देवी के आवास पहुंचे थे। लालू यादव ने उनसे अपनी पार्टी का आरजेडी में विलय करने को कहा था और मधेपुरा सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी दिया था। पप्पू यादव ने लालू का प्रस्ताव नकार तो दिया लेकिन कहीं न कहीं उन्हें यह अंदेशा रहा होगा कि आरजेडी पूर्णिया सीट आसानी से उनके हिस्से नहीं आने देगी।

कहा जा रहा है कि यही वजह होगी कि पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान तो कर दिया लेकिन सदस्यता ग्रहण करने के लिए सीट शेयरिंग और पूर्णिया सीट को लेकर तस्वीर साफ होने का इंतजार करना बेहतर समझा। पप्पू यादव और कांग्रेस, दोनों ही भविष्य के लिए सारे विकल्प खुले रखना चाहते थे।

पप्पू यादव (Pappu Yadav) के कांग्रेस में शामिल होने के कुछ ही दिन के भीतर लालू यादव ने जेडीयू विधायक बीमा भारती को न सिर्फ आरजेडी की सदस्यता दिलवाई, बल्कि पूर्णिया सीट से टिकट भी थमा दिया। बीमा भारती ने एक दिन पहले ही पूर्णिया से महागठबंधन उम्मीदवार के रूप में आरजेडी के टिकट पर नॉमिनेशन किया था।

पढ़ें :- उन्नाव: मुंडन संस्कार से लौट रहे परिवार पर काल बनकर टूटा डंपर, 6 की मौत; खुशियां मातम में बदलीं

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...