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Dattatreya Jayanti 2024 : भगवान दत्तात्रेय की जयंती कल मनाई जाएगी, जानें किस विधि विधान से करें पूजा

सनातन धर्म में भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संयुक्त अवतार माना गया है। दत्तात्रेय जयंती या दत्त जयंती मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। 

By अनूप कुमार 
Updated Date

Dattatreya Jayanti 2024 :  सनातन धर्म में भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संयुक्त अवतार माना गया है। दत्तात्रेय जयंती या दत्त जयंती मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है।  श्रीमद्भागवत सहित कई धार्मिक ग्रंथों में इनका उल्लेख किया गया है। मान्यताओं के अनुसार,  भगवान दत्ता की पूजा करने से मृत्यु के बाद पूर्वजों की आत्माओं को  मोक्ष या पुनर्जन्म प्राप्त करने में मदद मिलती है। ऐसा माना जाता है कि श्री दत्तात्रेय के तीन सिर शांति, सद्भाव और सफलता के प्रतीक माने जाते हैं।

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भगवान दत्तात्रेय को विष्णु का अवतार माना गया है।  पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान दत्तात्रेय ने विभिन्न रूपों में अवतार लिया और असुरों का नाश किया। श्रीमद्भागवत ग्रंथों के अनुसार, दत्तात्रेय ने 24 गुरुओं से ज्ञान और अंतर्दृष्टि प्राप्त की और श्री दत्त के नाम से दत्त संप्रदाय की स्थापना हुई।

दत्त जयंती तिथि
दत्तात्रेय जयंती शनिवार, 14 दिसंबर 2024 को है
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भः 14 दिसंबर 2024 को शाम 4:58 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्तः 15 दिसंबर 2024 को दोपहर 2:31 बजे

भगवान दत्तात्रेय मंत्र
बीज मंत्र – ॐ द्रां
तांत्रोक्त दत्तात्रेय मंत्र – ॐ द्रांदत्तात्रेयाय नम:
दत्त गायत्री मंत्र – ॐ दिगंबराय विद्महे योगीश्रारय् धीमही तन्नो दत: प्रचोदयात
दत्तात्रेय का महामंत्र – दिगंबरा-दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा

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