. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी के बाद पूरी दुनिया सहित डेनमार्क में कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रंप के खिलाफ डाउनलोड हो रहे एप
ट्रंप के खिलाफ डेनमार्क में हो रहे बिरोध में लोग तेजी से मेड ओ मीटर (Made O’Meter) नाम का एक ऐप इस्तेमाल कर रहे है। ये ऐप प्रोडक्ट की तस्वीर या बारकोड स्कैन कर यह बताता है कि वह अमेरिकी कंपनी का है या नहीं, सिर्फ तीन दिनों में करीब 30 हजार बार डाउनलोड हुआ। ऐप के निर्माता इयान रोसेनफेल्ट (Ian Rosenfeld) के मुताबिक, यह उछाल सीधे तौर पर ग्रीनलैंड विवाद से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि लोग सिर्फ नाराज नहीं थे, बल्कि यह जानना चाहते थे कि सीधे तौर पर अमेरिका का बहिष्कार कैसे किया जाए। यही वजह है कि ऐप अब artifical Intelligence की मदद से एक साथ कई प्रोडक्ट पहचानता है और यूरोपीय विकल्प सुझाता है।
वहीं ऐप की रीच की बात करें तो पिछले साल तक ऐप का इस्तेमाल सीमित था, लेकिन जनवरी के अंत में हालात बदल गए। 23 जनवरी को एक ही दिन में करीब 40 हजार प्रोडक्ट स्कैन किए गए, जबकि गर्मियों में यह आंकड़ा रोजाना 500 के आसपास था। अभी भी रोज करीब 5 हजार स्कैन हो रहे हैं। रोसेनफेल्ट के शब्दों में, ‘अब यह सिर्फ राजनीति नहीं रही, यह व्यक्तिगत हो गया है।
इसी तरह ‘NonUSA’ नाम का एक और डेनिश ऐप फरवरी की शुरुआत में 1 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया। इसके निर्माता जोनास पिपर कहते हैं कि लोगों को इससे ‘थोड़ी ताकत वापस मिलने’ का एहसास हुआ है। कई यूजर्स का कहना है कि कम से कम वे कुछ तो कर पा रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि डेनमार्क में अमेरिकी प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बहुत कम है. सिर्फ 1 से 3 प्रतिशत। असली अमेरिकी पकड़ Technology Sector में है, जहां आईफोन और माइक्रोसॉफ्ट जैसे प्लेटफॉर्म हर जगह हैं। बावजूद इसके, यह विरोध प्रतीकात्मक होते हुए भी राजनीतिक संदेश साफ देता है।