US-Iran talks go off track : स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता पर दुनियाभर की नजरें टिकीं हुई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि इस वार्ता से युद्ध का समाधान निकलेगा। लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बचकानी हरकत की वजह से ये वार्ता शुरू होने के कुछ समय बाद ही बेपटरी हो गयी। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जिसके बाद ईरानी अधिकारी बातचीत बीच में छोडकर चले गए।
US-Iran talks go off track : स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता पर दुनियाभर की नजरें टिकीं हुई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि इस वार्ता से युद्ध का समाधान निकलेगा। लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बचकानी हरकत की वजह से ये वार्ता शुरू होने के कुछ समय बाद ही बेपटरी हो गयी। दरअसल, ट्रंप ने ईरान को लेबनान में हिजबुल्ला की गतिविधियां रोकने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। जिसके बाद ईरानी अधिकारी बातचीत बीच में छोडकर चले गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, “ईरान को लेबनान में अपने भारी-भरकम पैसे पाने वाले प्रॉक्सी (प्रतिनिधियों) को गड़बड़ी फैलाने से तुरंत रोकना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे—ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ़्ते किया था, बल्कि उससे भी ज़्यादा ज़ोरदार!!!” इस धमकी के बाद ईरान ने वार्ता से वॉकऑउट कर दिया और ईरानी डेलीगेशन ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ फोटो खिंचवाने से भी इनकार कर दिया। स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में इस वार्ता के दौरान पाकिस्तान और कतर के अधिकारी भी मौजूद थे। चारों देश हाल ही में साइन किए गए इस्लामाबाद MoU के तहत बातचीत के पहले राउंड के लिए जमा हुए थे।
दोबारा वार्ता शुरू होने की उम्मीद
ट्रंप के गैर-जिम्मेदाराना बयान के बाद दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है। हालांकि, ये वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बातचीत देर रात तक जारी रहने की उम्मीद जताई है। इससे संकेत मिलते हैं कि तमाम तल्ख बयानों और तनाव के बावजूद दोनों पक्ष बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं करना चाहते।