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Electronic components Safety Tips बारिश में एसी चलाते समय रखे इस बात का ध्यान, नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान

दोस्तों गर्मी के कारण होने वाले उमस से सभी परेशान रहते है। लेकिन आपको एसी चलाने से बरसात के मौसम में समस्या हो सकती है।

By Sudha 
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दोस्तों गर्मी के कारण होने वाले उमस से सभी परेशान रहते है। लेकिन आपको एसी चलाने से बरसात के मौसम में समस्या हो सकती है। बरसात का मौसम आते ही गर्मी से थोड़ी राहत तो मिल जाती है, लेकिन बरसात अपने साथ कई ​बीमारियां इसके साथ लाती है सीलन जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर असर जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में अगर आप इस मौसम में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

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इन बातों ​का रखे ध्यान
. outdoor यूनिट को बारिश और तूफान से बचाएं बरसात के मौसम में तेज हवाओं और आंधियों का आना आम बात है। अगर आपके एसी का आउटडोर यूनिट खुले में, जैसे छत या बालकनी में लगा हुआ है, तो इसे खास सुरक्षा देने की जरूरत है। तेज बारिश और उड़ती हुई धूल-मिट्टी इसकी ग्रिल, फिन्स या पंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।

.outdoor यूनिट को वाटरप्रूफ कवर से ढककर रखें। ध्यान रखें कि यूनिट के चारों ओर हवा आने-जाने का रास्ता बना रहे। तेज तूफान के दौरान बिजली सप्लाई बंद कर दें।

. वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचाने के लिए स्टेबलाइजर लगवाएं मानसून के दौरान बिजली बार-बार गुल होना और वोल्टेज का अचानक कम-ज्यादा होना एक आम समस्या है। एसी जैसे महंगे उपकरणों के लिए यह स्थिति खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे इसके कंप्रेशर या सर्किट बोर्ड को नुकसान पहुंच सकता है। एसी के साथ एक अच्छा क्वालिटी वाला ऑटोमैटिक वोल्टेज स्टेबलाइजर लगवाएं। ऐसे स्टेबलाइजर का चयन करें जो विशेष रूप से एसी के लिए डिज़ाइन किया गया हो। यदि संभव हो तो इनवर्टर तकनीक वाले एसी का उपयोग करें, जो कम वोल्टेज में भी कार्य कर सकता है।

. outdoor यूनिट को नमी से बचने के लिए ‘ड्राई मोड’ का करें इस्तेमाल मानसून में हवा में नमी का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह नमी घर के अंदर फंगल स्मेल, दीवारों पर सीलन और स्किन इंफेक्शन जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है। अच्छी बात यह है कि अधिकतर आधुनिक एसी में ‘ड्राई मोड’ नाम का एक ऑप्शन आता है, जो विशेष रूप से मानसून के लिए उपयोगी है।

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ये करें काम
.एसी को ड्राई मोड पर चलाएं ताकि यह कमरे की अतिरिक्त नमी को अवशोषित कर सके। ड्राई मोड बिजली की खपत भी कम करता है, जिससे बिल में भी राहत मिलती है। दिन में कुछ समय के लिए पंखा भी चलाएं ताकि हवा का सर्कुलेशन बना रहे।

. एसी को घंटों लगातार न चलाएं कई लोग मानसून के दौरान भी एसी को घंटों बिना रुके चलाते रहते हैं, जिससे उसके कंप्रेसर पर लगातार दबाव बना रहता है। इससे मशीन की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है और कभी-कभी खराबी भी आ सकती है।

.हर 3-4 घंटे में एसी को थोड़ी देर के लिए बंद करें और कमरे की खिड़कियां खोल दें। यदि रात में एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो टाइमर लगाएं जिससे यह खुद-ब-खुद बंद हो जाए। थर्मोस्टेट को ज्यादा कम तापमान पर सेट न करें, इससे कंप्रेसर पर लोड बढ़ता है।

.जरूरी है एसी की नियमित सफाई मानसून में धूल कम उड़ती है लेकिन नमी के कारण एसी के फिल्टर में फंगस, बैक्टीरिया और गंदगी जमा हो जाती है। अगर इन्हें समय-समय पर साफ नहीं किया गया, तो न केवल एसी की कूलिंग कम होगी बल्कि यह बदबू भी फैलाएगा और आपकी सेहत पर भी असर डाल सकता है।

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