भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके साथ उन्होंने एथिक्स से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। इसके बाद बैंकिंग सेक्टर में हलचल मच गई है।
अतनु चक्रवर्ती का HDFC बैंक के चेयरमैन का सफर
HDFC बैंक के चेयरमैन के रूप में अतनु चक्रवर्ती ने अप्रैल 2021 को कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में बैंक ने कई बड़े फैसले लिए। एचडीएफसी लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक का 40 बिलियन का मर्जर भी हुआ। हालांकि अब वे पिछले दो साल में किए गए कार्यों पर नैतिकता को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
अतनु चक्रवर्ती गुजरात कैडर के 1985 बैच आईएएस अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने कई बड़े-बड़े पदों पर काम किया।
अतनु चक्रवर्ती के जाने के बाद, रिजर्व बैंक (RBI) ने केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने की अवधि के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। केकी मिस्त्री बैंकिंग और फाइनेंस जगत का जाना-माना नाम हैं और एचडीएफसी के विलय (Merger) की प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका रही है।
जब इतने बड़े बैंक का चेयरमैन एथिक्’ का हवाला देकर पद छोड़ते हैं, तो निवेशकों के मन में बैंक के कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। यही वजह है कि आज बाजार खुलते ही निवेशकों ने इस शेयर से दूरी बनाना शुरू कर दिया और भारी बिकवाली देखने को मिली। अचानक इस्तीफे की खबर आते ही शेयर बाजार में HDFC बैंक के शेयरों में भारी गिरावट आई। सुबह 9:55 बजे के करीब HDFC बैंक का शेयर 5% से ज्यादा (करीब ₹42) टूटकर ₹800.90 के स्तर पर आ गया।