हिमाचल के पहाड़ों की ठंडी हवा अब जेब पर भारी पड़ सकती है। प्रदेश सरकार ने एंट्री फीस में करीब ढाई गुना बढ़ोतरी का फैसला किया है।
सरकार ने प्रदेश की नई बैरियर नीति जारी करते हुए एंट्री टैक्स में करीब ढाई गुना तक इजाफा किया है। इसका सीधा असर उन पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ेगा जो अपनी गाड़ियों या वाणिज्यिक वाहनों के साथ हिमाचल में प्रवेश करते हैं। हालांकि, हिमाचल पंजीकरण वाले वाहनों को पहले की तरह एंट्री टैक्स से छूट रहेगी। सरकार ने फास्टैग भी अनिवार्य कर दिया है।
नई दरों के मुताबिक
बाहरी राज्यों के हल्के वाहन: ₹70 से बढ़कर ₹170
13-सीटर वाहन: ₹110 से बढ़कर ₹170
भारी वाहन: ₹720 से बढ़कर ₹900
JCB व निर्माण सामग्री वाहन: ₹570 से बढ़कर ₹800
ट्रैक्टर: ₹70 से ₹100
डबल एक्सल बस/ट्रक: ₹570 (यथावत)
ध्यान रहे, हिमाचल में रजिस्टर्ड वाहनों को छूट मिलेगी। असर मुख्य रूप से बाहरी राज्यों के कमर्शियल और टूरिस्ट वाहनों पर पड़ेगा। व्यावसायिक वाहनों से 320 की जगह 600 रुपये, 32 सीटर मिनी बस के 180 की जगह 320, डबल एक्सेल बस और ट्रक के 570 रुपये, ट्रैक्टर के 100 रुपये और रिक्शा के प्रवेश के 30 रुपये लगेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किए प्रवेश शुल्क के आधार पर ही त्रैमासिक और सालाना पास बनाए जाएंगे। प्रदेश के 55 टोल बैरियरों के लिए कर एवं आबकारी विभाग ने प्रवेश शुल्क की दरें तय की हैं।
55 एंट्री बैरियर पर लागू होंगी नई दरें
राज्य के प्रमुख एंट्री पॉइंट जैसे गोविंदघाट (सिरमौर), कंडवाल (नूरपुर), मैहतपुर (ऊना), बद्दी, परवाणू और गरामोड़ा (बिलासपुर) पर सबसे ज्यादा कमर्शियल ट्रैफिक दर्ज होता है।
सरकार इन बैरियर पर FASTag सिस्टम लागू करने की तैयारी में है, ताकि भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके।
एंट्री बैरियर की नीलामी अब उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता वाली समिति करेगी, जिसमें आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।