Mumbai: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने 3 दिसंबर की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हमला बोला। इस दौरान अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी सिलिया फ्लोर्स सहित बंदी बना लिया। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर ली है। इस बीच, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने बड़ी मांग रख दी है।
Mumbai: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने 3 दिसंबर की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर हमला बोला। इस दौरान अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी सिलिया फ्लोर्स सहित बंदी बना लिया। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर ली है। इस बीच, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी के सामने बड़ी मांग रख दी है।
वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सेना की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जब वेनेजुएला में घुसकर उसके राष्ट्रपति को बंधी बना सकते हैं तो पीएम मोदी 26/11 के गुनहगारों को पाकिस्तान से क्यों नहीं ला सकते। मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम चीफ ने कहा, “आज हमने सुना कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें उनके देश से अमेरिका ले गए। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके अपने देश से अगवा कर सकते हैं, तो आप (प्रधानमंत्री मोदी) भी पाकिस्तान जाकर 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को भारत वापस ला सकते हैं…”
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया था। शुरुआत में राजधानी काराकस पर बमबारी की खबरें सामने आयी थीं। इसके बाद ट्रंप ने खुद बताया कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर चलाये गए ऑपरेशन में मादुरे को उनकी पत्नी के साथ पकड़कर देश के बाहर ले जाया गया है।