1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. अमेरिकी सांसदों ईरान मे लड़कियों के स्कूल पर हमले का किया विरोध, 7 से 12 साल की बच्चियों की हुई मौत

अमेरिकी सांसदों ईरान मे लड़कियों के स्कूल पर हमले का किया विरोध, 7 से 12 साल की बच्चियों की हुई मौत

अमेरिका में ईरान पर हमले के विरोध में कई सीनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। 40 से अधिक यूएस सिनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए बम धमाके का विरोध किया है। इस धमाके में कथित तौर पर 168 लोग मारे गए थे। 

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका में ईरान पर हमले के विरोध में कई सीनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर जवाब मांगा है। 40 से अधिक यूएस सिनेटरों ने पेंटागन को पत्र लिखकर ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए बम धमाके का विरोध किया है। इस धमाके में कथित तौर पर 168 लोग मारे गए थे।  28 फरवरी जब अमेरिका और इस्राइल पर हमला शुरू किया तब इस गोलाबारी में ईरान  में लड़कियों के एक प्रथमिक विद्यालय मिनाब (Primary School Minab) पर एयरस्ट्राइक (Airstrike) हुई। इस हमले में ज्यादातक बच्चों का मौत हुई।

पढ़ें :- भाजपा सरकार है या दुकानदार? अखिलेश ने JPNIC को लीज पर दिये जाने को लेकर उठाए सवाल

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लिखा पत्र

सांसदों ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Defense Minister Pete Hegseth) को लिखे पत्र में 28 फरवरी को बच्चों के एक स्कूल पर की गई एयरस्ट्राइक को लेकर चिंता जताई गई है। साथ ही पेंटागन से इस पर जवाब मांगा है। इस पत्र को लिखने वाले समूह में सीनेटर क्रिस वैन होलेन, टिम केन, एलिज़ाबेथ वॉरेन और ब्रायन शैट्ज प्रमुख है। इसे सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर के साथ-साथ 40 से ज़्यादा दूसरे सांसदों का समर्थन मिला है। सीनेटरों ने पत्र में बताया कि ईरान के खिलाफ जंग बिना कांग्रेस की मंजूरी के शुरू की गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि अमेरिका और इस्राइल दोनों के जंग के दौरान अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए। हमलों में मारे गए लोगों में ज़्यादातर 7 से 12 साल की लड़कियां थीं

जांच और नतीजों को सार्वजनिक करने की मांग

सीनटेरों ने कहा स्कूल पर हुए हमलों और आम लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी दूसरी अमेरिकी मिलिट्री कार्रवाई की तुरंत जांच होनी चाहिए, और नतीजों को जल्द से जल्द सार्वजनिक किया जाना चाहिए, साथ ही जवाबदेही तय करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका इ हमले को रिव्यू कर रहा है।

पढ़ें :- IND vs SL Colombo Test : श्रीलंकाई टीम पहली पारी में 290 रनों पर ढेर, भारत ने मेजबान टीम को दिया फॉलोऑन

आम लोगों पर हो रहे हमले की चिंता जताई

मिनाब हमले के अलावा, सीनेटरों ने लड़ाई में आम लोगों के ज़्यादा हताहत होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने लिखा ऐसी भी खबरें हैं कि हवाई हमलों में कई हॉस्पिटल, सांस्कृतिक हेरिटेज साइट्स और दूसरे जरूरी सड़क, वहन, ब्रिज को भी निशाना बनाया गया है। ईरान के बड़े शहरों और आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें राजधानी तेहरान भी शामिल है, जहां लगभग 9 मिलियन लोग रहते हैं।

सीनेटरों ने अमेरिका की मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए बताया कि 10 मार्च तक, लड़ाई में 1,245 से ज़्यादा आम लोग मारे गए थे और 12,000 से ज़्यादा घायल हुए थे। ईरान में जिस स्कूल पर हमला किया गया है वह एक ईरान के नेवल बेस के पास था। सांसदों ने पेंटागन से यह साफ करने को कहा कि क्या अमेरिका सुरक्षा बलों ने स्कूल पर हमला किया था और अगर किया था, तो टारगेट क्या था, बिल्डिंग की पहचान करने के लिए क्या विषलेषण किया गया था, और आम लोगों की मौत को कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या हमलों की प्लानिंग करने या उन्हें अंजाम देने में एआई टूल्स का इस्तेमाल किया गया था और एआई से बने टारगेट को सत्यापित करने के लिए क्या सेफगार्ड थे।

पढ़ें :- UP Cabinet Meeting: युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की पहल, 25 लाख टैबलेट खरीदने का प्रस्ताव
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...