1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. कहीं आप भी डेली रुटीन में होने वाली कई छोटी मोटी बातों को जाती हैं भूल, तो सकती है बड़े खतरे की निशानी

कहीं आप भी डेली रुटीन में होने वाली कई छोटी मोटी बातों को जाती हैं भूल, तो सकती है बड़े खतरे की निशानी

डेली रुटीन के कामों को बार बार भूल जाना, समय या फिर किसी जगह के बारे में भ्रमित होना, अकेले में ही मगन रहना और किसी भी समस्या को सुलझाने में अगर मु्श्किलों का सामना करना पड़ता हो तो ये कुछ प्रमुख लक्षण अल्जाइमर के हो सकते हैं। इसलिए समय रहते डॉक्टर्स विचार विमर्श कर लेना चाहिए।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

डेली रुटीन के कामों को बार बार भूल जाना, समय या फिर किसी जगह के बारे में भ्रमित होना, अकेले में ही मगन रहना और किसी भी समस्या को सुलझाने में अगर मु्श्किलों का सामना करना पड़ता हो तो ये कुछ प्रमुख लक्षण अल्जाइमर के हो सकते हैं। इसलिए समय रहते डॉक्टर्स विचार विमर्श कर लेना चाहिए।

पढ़ें :- Summer Season Thali : समर सीजन की थाली में परोसे दही या छाछ , परिवार रहेगा तरोताजा

अल्जाइमर जैसी दिमाग की गंभीर बीमारी को अभी तक लक्षण दिखने के बाद ही पता लगाया जा सकता है। एक शोध के अनुसार एक साधारण खून के टेस्ट के जरिए इस बीमारी के बारे में पता लगाया जा सकता है। खासियत ये है कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने से पहले ही इस बीमारी के बारे में पता लगाया जा सकता है।
स्वीडन, इटली और अमेरिका के वैज्ञानिकों ने मिलकर यह शोध किया है। इस शोध में पाया है कि ब्लड में मौजूद एक खास प्रोटीन की मात्रा अल्जाइमर रोग से लिंक है। जितनी अधिक मात्रा में यह प्रोटीन होता है, उतना ही अधिक अल्जाइमर का खतरा बढ़ जाता है।

तक अल्जाइमर रोग का पता लगाने के लिए पीईटी स्कैन जो कि न सिर्फ महंगे होते है बल्कि तकलीफ देने वाला भी होता है टेस्ट होता है। लेकिन खून का टेस्ट आसानस सस्ता और तेज है। इससे अल्जाइमर का पता लगाया जा सकेगा बल्कि यह भी पता चल सकेगा कि दिमाग में बीमारी किस स्तर तक पहुंच चुकी है।

का कहना है कि यह खोज अल्जाइमर के उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर बीमारी का पता शुरुआती दौर में ही लग जाए तो इलाज शुरू करने से दिमाग के नुकसान को कम किया जा सकता है और मरीजों को एक बेहतर जीवन जीने का मौका मिल सकता है।

इस शोध के नतीजे द जर्नल ऑफ़ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी और शोध की जरूरत है ताकि इस टेस्ट को व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा सके। लेकिन यह खोज निश्चित रूप से अल्जाइमर और अन्य दिमागी बीमारियों के इलाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पढ़ें :- इतालवी विद्रोहियों ने फासीवादी तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी को आज ही के दिन उतार दिया था मौत के घाट, लोगों ने ली आजादी की सांस और मनाई थी खुशियां

अल्जाइमर से बचने के उपाय

धूम्रपान से बचें
नियमित रूप से व्यायाम करें
ऐसी गतिविधियों में हिस्‍सा लें जिसमें दिमाग का एक्‍सरसाइज हो
हरी सब्जियां, फल का सेवन करें
अधिक एंटीऑक्सीडेंट का उपभोग करें
एक सक्रिय सामाजिक जीवन बनाए रखें
अपनी जीवनशैली में कोई बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करना सुनिश्चित करें

अल्जाइमर रोग में दिखाई देते हैं ये शुरुआती लक्षण

आपकी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करने वाली
स्‍मृति में कमी
समस्या सुलझाने में कठिनाइयों
भाषण या लेखन के साथ परेशानी
समय या स्थानों के बारे में भ्रमित हो जाना
निर्णय लेने में कमी
व्यक्तिगत स्वच्छता में कमी
मनोदशा और व्यक्तित्व में परिवर्तन
दोस्तों, परिवार और समाज से दूरी

पढ़ें :- बिहार में सम्राट सरकार का होने जा रहा कैबिनेट विस्तार! BJP-जेडीयू और सहयोगी दलों से होंगे इतने मंत्री
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...