मछली को लेकर संजय निषाद के बाद अब ओम प्रकाश राजभर के बयान ने यूपी की सियासत गरमा दी है। राजभर ने बिना प्याज-लहसुन की मछली को वेज बताते हुए कांग्रेस से भी सवाल किया। वहीं बंगाल में मछली खाने की परंपरा का हवाला देकर बीजेपी नेताओं के मछली खाने पर उठे सवालों पर सफाई दी।
Uttar Pradesh Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों मछली को लेकर बयानबाजी लगातार सुर्खियां बटोर रही है। निषाद पार्टी के नेता और मंत्री संजय निषाद के बयान के बाद अब योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी मछली को लेकर अपनी बात रखी है। राजभर के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगर मछली को प्याज और लहसुन के बिना बनाया गया है, तो वह वेज है। राजभर ने यह बात संजय निषाद के बयान के संदर्भ में कही। उन्होंने संजय निषाद की बात का समर्थन करते हुए कहा कि वह जो कह रहे हैं, सही ही कह रहे हैं। जब राजभर से सवाल किया गया कि मछली को आखिर शाकाहारी कैसे कहा जा सकता है, तो उन्होंने कहा कि संजय निषाद मछली के मामले में उनसे ज्यादा जानकारी रखते हैं, इसलिए इस बारे में वही बेहतर बता सकते हैं।
राजभर ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि मछली को प्याज-लहसुन डालकर बनाया गया था या उसके बिना। उनके इस बयान के बाद अब राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
बंगाल चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं के मछली खाने को लेकर उठे सवालों पर भी ओम प्रकाश राजभर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि हर राज्य की परिस्थितियां और परंपराएं अलग होती हैं। राजभर के मुताबिक, बंगाल में पूजा-पाठ के दौरान भी मछली खाने की परंपरा है, जबकि उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि अब बंगाल में बीजेपी की सरकार है और वहां का सिस्टम अलग है। मछली को लेकर नेताओं के लगातार सामने आ रहे इन बयानों ने एक नई राजनीतिक बहस जरूर छेड़ दी है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि मछली कैसे बनाई गई, बल्कि यह भी है कि क्या खान-पान से जुड़े मुद्दे अब राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं?
फिलहाल संजय निषाद के बाद ओम प्रकाश राजभर के बयान ने इस पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस और विपक्षी दल राजभर के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।