किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) बवाल के मामले ने तूल पकड़ लिया है। KGMU की संयुक्त समिति ने कहा है कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Women's Commission Vice-Chairperson Aparna Yadav) की कार्यप्रणाली ने सरकार की छवि धूमिल की। समिति ने आरोप लगाया कि अपर्णा यादव (Aparna Yadav) के साथ आए उपद्रवियों ने वीसी आदि के साथ अभद्रता की।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) बवाल के मामले ने तूल पकड़ लिया है। KGMU की संयुक्त समिति ने कहा है कि महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Women’s Commission Vice-Chairperson Aparna Yadav) की कार्यप्रणाली ने सरकार की छवि धूमिल की। समिति ने आरोप लगाया कि अपर्णा यादव (Aparna Yadav) के साथ आए उपद्रवियों ने वीसी आदि के साथ अभद्रता की। 72 घंटे बाद भी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हुई, अगर चौबीस घंटे में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हुई तो इमर्जेंसी सेवाओं को छोड़कर OPD बंद रखी जाएगी।
लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद (Love Jihad) और धर्मांतरण का मामले के बीच महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने बताया कि वह डॉ. रमीज़ के मामले को लेकर केजीएमयू की वीसी डॉ. सोनिया नित्यानंद (KGMU Vice-Chancellor Dr. Sonia Nityanand) से मिलने गई थीं। अपर्णा यादव (Aparna Yadav) ने आरोप लगाया कि वीसी ने जानबूझकर उनसे मिलने से इनकार कर दिया और उनके ऊपर गिरगिट/छिपकिली फेंकवाने की कोशिश की।
KGMU में कुछ लोगों को छूट दी जा रही’
अपर्णा यादव ने आरोप लगाया कि वीसी ने जानबूझकर उनसे मिलने से इनकार कर दिया और उनके ऊपर गिरगिट/छिपकिली फेंकवाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि डॉ. रमीज़ मामले में गठित विशाखा कमेटी ने धर्मांतरण के एंगल को जांच में शामिल नहीं किया। अपर्णा ने दावा किया कि केजीएमयू में धर्म विशेष के लोगों को बदमिजाज़ी करने की छूट दी जा रही है।