आज दिल्ली की सियासत में एक मुलाकात ने पुराने राजनीतिक रिश्तों की यादें फिर से ताजा कर दीं। सोनिया गांधी ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में मुलाकात की और उनकी तबीयत का हाल जाना। इस दौरान लालू यादव के बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौके पर मौजूद रहे।
नई दिल्ली। आज दिल्ली की सियासत में एक मुलाकात ने पुराने राजनीतिक रिश्तों की यादें फिर से ताजा कर दीं। सोनिया गांधी ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव से दिल्ली में मुलाकात की और उनकी तबीयत का हाल जाना। इस दौरान लालू यादव के बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौके पर मौजूद रहे।
स्वास्थ्य जानने पहुंचीं सोनिया गांधी
बता दें कि लालू प्रसाद यादव इन दिनों दिल्ली में स्वास्थ्य संबंधी देखभाल के लिए मौजूद हैं। रिपोर्टों के मुताबिक सोनिया गांधी उनकी बेटी और सांसद मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंचीं और उन्होंने लालू का हालचाल जाना। इस मुलाकात के बाद लालू यादव ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और इस दौरान पुराने दिनों की यादें फिर से ताजा हुईं।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी UPA के दौर को किया याद
इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच UPA सरकार के दौर की चर्चा भी हुई। लालू यादव ने मनरेगा, सूचना का अधिकार यानी RTI और शिक्षा का अधिकार यानी RTE जैसे कानूनों का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली UPA सरकार के दौरान बिहार के विकास के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि दिए जाने का भी जिक्र किया।
तीन दशक पुराना राजनीतिक भरोसा
बता दें कि करीब तीन दशक से सोनिया गांधी और लालू यादव का राजनीतिक रिश्ता भारतीय राजनीति में चर्चा का विषय रहा है। दोनों के बीच सिर्फ गठबंधन की मजबूरी नहीं, बल्कि लंबे समय से बना राजनीतिक भरोसा भी दिखाई देता है। साल 2004 में UPA सरकार बनने के बाद लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री बने और आरजेडी कांग्रेस के प्रमुख सहयोगियों में शामिल रही।
मुश्किल दौर में भी नहीं टूटा साथ
दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर कई बार मतभेद जरूर सामने आए, लेकिन सोनिया गांधी और लालू यादव के शीर्ष स्तर के रिश्ते लगातार बने रहे। धर्मनिरपेक्ष राजनीति और बीजेपी के विरोध जैसे मुद्दों ने भी कांग्रेस और आरजेडी को लंबे समय तक करीब रखा।
इसलिए आज यानी 2 नवंबर 2026 की मुलाकात सिर्फ एक नेता का दूसरे नेता से हालचाल पूछना नहीं, बल्कि कांग्रेस और आरजेडी के पुराने राजनीतिक रिश्ते की एक बार फिर दिखाई दी तस्वीर भी मानी जा रही है। तेजस्वी यादव ने भी कहा कि दोनों नेताओं के संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं और मुश्किल समय में दोनों ने एक-दूसरे का साथ दिया है।