एनिमेटेड फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ की रिलीज पर रिलीज से महज एक दिन पहले रोक लग गई है। ओडिशा हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिल्म की देशभर में रिलीज रोक दी गई। इसके खिलाफ अब फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है...
नई दिल्ली। एनिमेटेड फिल्म महाप्रभु जगन्नाथ की रिलीज पर रिलीज से महज एक दिन पहले रोक लग गई है। ओडिशा हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिल्म की देशभर में रिलीज रोक दी गई। इसके खिलाफ अब फिल्म के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।
देशभर में रिलीज पर लगी रोक
महाप्रभु जगन्नाथ 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी लेकिन उससे एक दिन पहले ओडिशा हाई कोर्ट ने इसकी रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी। इसके बाद यह आदेश पूरे देश में लागू हो गया। हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मेकर्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
सुप्रीम कोर्ट में कल होगी सुनवाई
रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की। हालांकि उसी दिन सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की गई लेकिन अदालत ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी।
हाई कोर्ट ने क्यों लगाई रोक?
ओडिशा हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई थी। याचिका में दावा किया गया कि फिल्म स्कंद पुराण के वर्णन के अनुरूप नहीं बनाई गई है और इसके कुछ दृश्य भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं। अदालत ने माना कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है लेकिन इसका इस्तेमाल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले तरीके से नहीं किया जा सकता।
CBFC से मिल चुकी है मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट में मेकर्स की ओर से कहा गया कि फिल्म बच्चों के लिए बनाई गई एक एनिमेटेड फिल्म है और इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) पहले ही प्रमाणपत्र जारी कर चुका है। सिनेमैटोग्राफ अधिनियम की धारा 5 के तहत फिल्म को रिलीज की अनुमति मिल चुकी थी इसके बावजूद हाई कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगा दी।
मेकर्स बोले- करोड़ों का होगा नुकसान
निर्माताओं की ओर से अदालत में कहा गया कि फिल्म की रिलीज के लिए 300 से अधिक सिनेमाघर पहले ही बुक किए जा चुके थे। ऐसे में अंतिम समय पर रिलीज पर रोक लगने से प्रोड्यूसर्स को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि जनहित याचिका फिल्म रिलीज से ठीक पहले दायर की गई और जल्दबाजी में पूरे देश में रिलीज पर रोक का आदेश दे दिया गया।
रथ यात्रा का भी दिया गया हवाला
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान में चल रही भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान फिल्म को रिलीज करना उचित नहीं होगा। अदालत ने यह भी कहा कि गजपति महाराजा और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के समक्ष हुई विशेष स्क्रीनिंग के बाद सुझाए गए बदलावों को शामिल किए बिना फिल्म का प्रदर्शन सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की शुक्रवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं जहां यह तय होगा कि फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज पर लगी रोक बरकरार रहेगी या मेकर्स को राहत मिलेगी।