औघड़दानी भगवान शिव की कृपा बरसाने वाली यह पावन रात्रि महाशिवरात्रि पर कुछ महा उपाय करने से भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि 2026 : महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026, रविवार
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा
पहला प्रहर: सायंकाल 06:01 से रात्रि में 09:09 बजे तक
दूसरा प्रहर: रात्रि में 09:09 से लेकर 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक
तीसरा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाहन 00:17 से लेकर 03:25 बजे तक
चौथा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 03:25 से लेकर प्रात: 06:33 बजे तक
निशीथ काल की पूजा समय: रात्रि को 11:52 से लेकर अगले दिन 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:42 बजे तक
1. महाशिवरात्रि पर अगर आप महादेव को मनाना चाहते हैं तो आपको इस दिन तन और मन से पवित्र होने के बाद घर के पास के किसी शिवालय पर जाकर शिवलिंग पर गंगाजल अवश्य चढ़ाना चाहिए। शिव पूजा का यह उपाय और भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करेगा।
2. महाशिवरात्रि की पूजा करने वाले साधक को सफेद कपड़े पहनकर भगवान शिव की साधना करना चाहिए। बिना सिले हुए सफेद कपड़े जैसे सफेद धोती पहनकर रुद्राभिषेक आदि कार्य करना चाहिए।
3. हिंदू मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को दूध अर्पित करने पर वे शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं। यदि संभव हो तो इस दिन गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।