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सड़कों का रख-रखाव अब होगा आसान, NHAI ला रहा है सेल्फ-हीलिंग डामर

भारत की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक बिल्कुल नए समाधान की ओर रुख कर रहा है। NHAI सेल्फ-हीलिंग एसफाल्ट (Self-Healing Asphalt) की नई टेक्नोलॉजी का परीक्षण करके, सड़क के रखरखाव में क्रांति लाने और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। भारत की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक बिल्कुल नए समाधान की ओर रुख कर रहा है। NHAI सेल्फ-हीलिंग एसफाल्ट (Self-Healing Asphalt) की नई टेक्नोलॉजी का परीक्षण करके, सड़क के रखरखाव में क्रांति लाने और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

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सड़क टिकाऊपन के लिए अभिनव नजरिया

मीडिया रिपोर्ट (Media Report) के अनुसार अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर सड़क टिकाऊपन बढ़ाने और गड्ढों की समस्या से निपटने के लिए अपरंपरागत तरीकों को अपनाने की योजना का खुलासा किया है। अधिकारी ने कहा कि हम टिकाऊपन बढ़ाने और गड्ढों की समस्या से निपटने के लिए नए और अपरंपरागत तरीकों पर विचार कर रहे हैं।” स्व-मरम्मत डामर की शुरुआत इस बड़े मुद्दे का एक स्थायी समाधान पेश करने के लिए तैयार है।

लागत-लाभ का विश्लेषण

हालांकि इस योजना को बड़े पैमाने पर लागू करने से पहले, प्राधिकरण स्व-मरम्मत तकनीक की व्यवहार्यता और प्रभावशीलता का आंकलन करने के लिए एक व्यापक लागत-लाभ विश्लेषण करेगा। यह सावधानीपूर्वक मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सड़क रखरखाव प्रयासों के असर को अधिकतम करने के लिए संसाधनों का बेहतर आवंटन किया जाए।

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बढ़ती दुर्घटना दरों का मुकाबला

भारत में 2022 में नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्गों) पर गड्ढों के कारण सड़क दुर्घटनाओं में 22.6 प्रतिशत की चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई। और इसकी वजह से 1,856 लोगों को जान गंवानी पड़ी।

क्या है यह नई टेक्नोलॉजी?

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्व-मरम्मत डामर टेक्नोलॉजी डामर में (बिटुमेन), जो एक संयोजक पदार्थ होता है, में स्टील ऊन के टुकड़ों को शामिल करने पर निर्भर करती है। ये टुकड़े बिटुमेन को चालक बना देता है, जिससे इंडक्शन मशीनों के जरिए इसे गर्म करना आसान हो जाता है। गर्म करने की प्रक्रिया बिटुमेन को आसपास के पत्थरों और बजरी के साथ फिर से आसानी से जोड़ने में सक्षम बनाती है। साथ ही दरारों की प्रभावी रूप से मरम्मत करती है और गड्ढे बनने से रोकती है।

सड़क रखरखाव के लिए बजटीय आवंटन

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आधारभूत ढांचे के रखरखाव के लिए अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 2024-25 के बजट में सड़क रखरखाव के लिए 2,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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