: पर्व और त्योहारों की श्रृंखला में चैत्र माह में पूजा पाठ की धूम रहेगी। हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होता है। गुड़ी पड़वा मराठी नववर्ष की शुरूआत का प्रतीक है।
Marathi New Year Gudi Padwa 2025 : पर्व और त्योहारों की श्रृंखला में चैत्र माह में पूजा पाठ की धूम रहेगी। हिंदू नववर्ष का प्रारंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को होता है। गुड़ी पड़वा मराठी नववर्ष की शुरूआत का प्रतीक है। कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश आदि जगहों पर गुड़ी पड़वा का त्योहार मुख्य त्योहारों में से एक माना जाता है। गुड़ी का शाब्दिक अर्थ झंडा और प्रतिपदा तिथि को पड़वा कहा जाता है। गुड़ी पड़वा का पर्व गोवा, महाराष्ट्र सहित समूचे दक्षिण भारत में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन घरों को फूलों और रंगोली से सजाया जाता है। घरों के आगे एक गुड़ी ध्वज लगाए जानें की परंपरा है।
पकवान बनाए जाते हैं
गुड़ी पड़वा को फसल उत्सव भी कहा जाता है। देश के कई हिस्सों में नई फसल के आगमन की खुशी में लोग धूमधाम के साथ गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाते हैं। गुड़ी पड़वा के मौके पर पूरन पोली, श्रीखंड, मीठे चावल जैसे पकवान बनाए जाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार,चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 04:27 मिनट पर शुरू होगी और समापन 30 मार्च दोपहर 12:49 मिनट पर। हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व होता है। इसलिए गुड़ी पड़वा का पर्व 30 मार्च को मनाया जाएगा।
पूरन पोली
इस दिन पारंपरिक भोजन श्रीखंड, पूरन पोली और साबुदाना वड़ा खाएं।
इस दिन अपने दोस्तों और परिवार वालों को शुभकामनाएं भेजें।
इस दिन आप पूर्वजों का तर्पण और पिंडदान भी कर सकते हैं।
साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों को दान भी कर सकते हैं।