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भ्रामक टिप्पणी से सदन को किया गुमराह, विपक्ष ने किरेन रिजिजू व जे.पी. नड्डा के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) जयराम रमेश ने सोमवार को राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू व सदन के नेता जे.पी. नड्डा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किरेन रिजिजू ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के कथित बयानों को लेकर सदन को "गुमराह" किया है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) जयराम रमेश ने सोमवार को राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू व सदन के नेता जे.पी. नड्डा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किरेन रिजिजू ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के कथित बयानों को लेकर सदन को “गुमराह” किया है।

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह नोटिस राज्यसभा के प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली के नियम 188 के तहत सभापति जगदीप धनखड़ को सौंपा है। नोटिस में उन्होंने कहा कि 24 मार्च को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के तुरंत बाद किरेन रिजिजू ने “स्पष्ट रूप से गलत बयान” देकर सदन को गुमराह किया और डी के शिवकुमार के नाम से “झूठे बयान” जोड़े।

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उन्होंने कहा, डी के शिवकुमार पहले ही इन बयानों को झूठा और अपमानजनक करार देकर खंडन कर चुके हैं। ऐसे में किरेन रिजिजू द्वारा दिए गए बयान गलत और भ्रामक हैं, जो विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के दायरे में आते हैं।

रिजिजू व नड्डा ने सदन में कहा था कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता, जो एक संवैधानिक पद पर हैं, उनका कहना है कि उनकी पार्टी संविधान में बदलाव कर मुसलमानों को आरक्षण देगी। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को शिवकुमार से जोड़कर देखा गया।

रिजिजू ने कहा, हम इस बयान को हल्के में नहीं ले सकते। यह किसी साधारण पार्टी नेता का बयान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का बयान है। अब देखना होगा कि सभापति इस नोटिस पर क्या निर्णय लेते हैं।

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