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Kedarnath Yatra 2026 : ”हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ खुले बाबा केदारनाथ के कपाट,,  हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा

सनातनधर्म की प्राचीन चार धाम तीर्थ यात्रा में केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरे धाम में ''हर-हर महादेव'' और ''जय बाबा केदार'' के जयकारे गूंजने लगे. चारों ओर भक्तिमय माहौल बन गया।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Kedarnath Yatra 2026 :  सनातनधर्म की प्राचीन चार धाम तीर्थ यात्रा में केदारनाथ धाम के कपाट आज प्रातः 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरे धाम में ”हर-हर महादेव” और ”जय बाबा केदार” के जयकारे गूंजने लगे। चारों ओर भक्तिमय माहौल बन गया।
इससे पहले मंदिर को अत्यंत भव्य रूप से सजाया गया था और लगभग 51 क्विंटल फूलों से धाम को अलंकृत किया गया। परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया और मुख्य पुजारी, रावल व हक-हकूकधारियों ने अंदर प्रवेश कर पूजा-अर्चना शुरू की। कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पूजा-अर्चना की। अब 22 अप्रैल से अगले छह महीनों तक मंदिर के कपाट खुले रहेंगे।

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यात्रा मार्ग: ऋषिकेश -> गुप्तकाशी -> गौरीकुंड -> केदारनाथ।

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पंच केदार उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित भगवान शिव के पांच पवित्र मंदिर हैं, जो महाभारत काल से जुड़े हैं। पांडवों द्वारा निर्मित ये मंदिर शिव के विभिन्न भैंसे रूपी अंगों के प्रतीक हैं।

पंच केदार के नाम 
केदारनाथ मंदिर
यहाँ शिव जी का कुबड़ (hump) भाग पूजित है
तुंगनाथ मंदिर
यहाँ भुजाएँ (arms) पूजित हैं
रुद्रनाथ मंदिर
यहाँ मुख (face) की पूजा होती है
मध्यमहेश्वर मंदिर
यहाँ नाभि (navel) पूजित है
कल्पेश्वर मंदिर
यहाँ जटा (hair) पूजित हैं

बद्रीनाथ धाम की तैयारी भी शुरू
दूसरी ओर बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। नरसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गरुड़ डोली बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो चुकी है, जो यात्रा की धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाती है।

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