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नेपाल बस हादसा:सोनौली बार्डर पर एंबुलेंस के साथ बसें लगी, प्रशासन सतर्क

सरहद पर एंबुलेंस के साथ बसें लगी, प्रशासन सतर्क

पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज। नेपाल में हुए बस हादसे को लेकर भारतीय प्रशासन सतर्क है। भारतीयाें की हर संभव मदद की जा रही है। पोखरा से काठमांडो जाने के दौरान नेपाल तनहुन के अबुखैरेनी में मार्स्यांगडी नदी में गोरखपुर की बस गिर गई। बस 20 अगस्त को नेपाल के लिए रवाना हुई थी।

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शुक्रवार को घटना के बारे में जैसे ही जानकारी हुई जिलाधिकारी महराजगंज अनुनय कुमार झा ने अधिकारियों के एक दल को नेपाल रवाना कर दिया। भारतीय दूतावास से संपर्क कर वहां घटना से प्रभावित भारतीयों की मदद के लिए हर संभव प्रयास शुरू किया गया। सूचना के बाद नौतनवा तहसील प्रशासन की टीम उपजिलाधिकारी नंद प्रकाश मौर्य, सीओ जय प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार पंकज शाही, कोतवली प्रभारी अंकित सिंह सहित कई लोग रवाना हुए है। वहां से आई भयावह तस्वीरों के बाद यात्रियों के परिजन बेचैन हैं। किसी को कुछ नहीं पता चल पा रहा है।

नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल सेना द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है। गंभीर रूप से घायल भारतीय यात्रियों को हेलीकॉप्टर से काठमांडों ले जाया जा रहा है। वहां सभी जरूरी औपचारिता पूरी करने के बाद शव को भारत भेजा जाएगा। उधर, सरहद पर पूर तैयारी की गई है। करीब 15 एंबुलेंस व रोडवेज की बसें लगी हैं। जरूरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जाएगा। घायलों एवं मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद करने के लिए व्यवस्था की गई है।

जिलाधिकारी अनुनय कुमार झा ने बताया कि स्थानीय स्तर से हर संभव सहयोग करने की व्यवस्था की गई है। नेपाल में उप जिलाधिकारी नौतनवा समेत अन्य को भेजा गया है।

भारतीयों के लिए मददगार बने नेपाली नागरिक

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महराजगंज। भारतीय बस की दुर्घटना की सबसे पहले सूचना पोखरा के होटल कारोबारी दुर्गा पांडेय को मिली, वह उस समय घटना स्थल के पास अपने निजी कार्य से गए थे। घटना के कुछ समय बाद दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर अपने सहयोगियों के साथ मदद में जुट गए और पुलिस सेना को घटना की जानकारी दी। पूरे दिन घायलों की मदद, खाना, सहयोग करते रहे, बहुत यात्रियों के लिए दवा भी उपलब्ध कराते रहे। दूरभाष पर दुर्गा पांडेय ने कहा इन का जीवन का ज्यादा समय मुम्बई में बीता है और महाराष्ट्र के लोगों से उनका विशेष लगाव है।

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