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E20 विवाद पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए चुकानी होगी ज्यादा कीमत

एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल एक बड़ा बयान दिया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ने मीडिया को बताया कि जो वाहन मालिक अपनी गाड़ियों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके पास बाजार में XP100 जैसे 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उन्हें अधिक कीमत देनी होगी।

By Sushil Sah 
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नई दिल्ली। एथेनॉल मिश्रित ईंधन (E20) को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल एक बड़ा बयान दिया है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री ने मीडिया को बताया कि जो वाहन मालिक अपनी गाड़ियों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, उनके पास बाजार में XP100 जैसे 100% शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उन्हें अधिक कीमत देनी होगी।

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पुराने पेट्रोल (E10) पर वापसी नामुमकिन

आम जनता की चिंताओं को देखते हुए जब केंद्रीय मंत्री से सवाल किया गया कि क्या पेट्रोल पंपों पर फिर से कम एथेनॉल वाले (E10) पेट्रोल मिलेगा? इस बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जब देश के कोने-कोने में E20 ईंधन उपलब्ध कराने का लक्ष्य पूरा हो चुका है, तो अब पीछे हटना नामुमकिन है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अलग-अलग मिक्सिंग के विकल्प देने का अंतिम फैसला पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

इंजन खराब होने के दावों को बताया अफवाह

केंद्रीय मंत्री ने वाहनों के इंजन खराब होने और पार्ट्स गलने की सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को भ्रामक और अफवाह बताया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अब तक देश में एथेनॉल के कारण गाड़ी खराब होने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है। किसी भी वाहन में यांत्रिक खराबी आना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसके लिए सीधे तौर पर एथेनॉल को दोष नहीं दिया जा सकता।

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माइलेज कम होने की शिकायतों पर दी सलाह

गडकरी ने कहा कि एथेनॉल का कैलोरिफिक वैल्यू थोड़ा कम होता है, जिससे हाइवे पर थोड़ा सा अंतर आ सकता है, लेकिन शहरी इलाकों में माइलेज पेट्रोल जितना ही रहता है। उन्होंने वाहन मालिकों को केवल अनुमान लगाने के बजाय सर्विस सेंटर पर मशीनों से माइलेज की जांच कराने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कोई खराबी वाकई एथेनॉल की वजह से प्रमाणित होती है, तो वाहन निर्माता कंपनियां अपनी वारंटी के तहत इसके लिए जिम्मेदार होंगी।

हितों के टकराव के आरोपों पर दी सफाई

ब्लेंडिंग इंधन को बढ़ावा देने के पीछे गडकरी ने खुद के निजी स्वार्थ और बेटों के बिजनेस से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश के कुल एथेनॉल उत्पादन में उनके बेटों की फैक्ट्री की हिस्सेदारी 0.5% से भी कम है, जो उनके बेटों के कुल व्यापार का महज 10% हिस्सा है। उन्होंने इस बात को दोहराते हुए कहा कि वह देश की भलाई करने के लिए जैव ईंधन (Biofuel), ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहनों का समर्थन करते हैं जिससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सके और देश को प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।

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