1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. Nobel Peace Prize 2026: कौन हैं ‘नवी पिल्लै’, जिन्हें मिला शांति का नोबेल?

Nobel Peace Prize 2026: कौन हैं ‘नवी पिल्लै’, जिन्हें मिला शांति का नोबेल?

दुनिया में युद्ध, हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बीच दक्षिण अफ्रीका की वरिष्ठ न्यायविद् 'नवी पिल्लै' को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 9 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। युद्ध अपराधों, अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने और मानवता के खिलाफ अपराधों तथा नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के प्रयासों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।

By Sushil Sah 
Updated Date

नॉर्वे। दुनिया में युद्ध, हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन के बीच दक्षिण अफ्रीका की वरिष्ठ न्यायविद् ‘नवी पिल्लै’ को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने 9 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की। युद्ध अपराधों, अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने और मानवता के खिलाफ अपराधों तथा नरसंहार के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के प्रयासों के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है।

पढ़ें :- सीजेपी प्रदर्शन के चलते ट्रेनें रद्द होने पर भड़के चिराग पासवान, बोले-भारत के युवा में दुनिया को रास्ता दिखाने की क्षमता है, इन्हें कोई रोक नहीं सकता

कौन हैं नवी पिल्लै?

आपको बता दें कि नवी पिल्लै का पूरा नाम नवनेथम पिल्लै है। उनका जन्म 1941 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ था। उन्होंने ऐसे दौर में अपनी पहचान बनाई, जब दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की व्यवस्था लागू थी। नटाल प्रांत में 1967 में वह अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू करने वाली पहली महिला बनीं। साथ ही उन्होंने रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और राजनीतिक कैदियों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया। सबसे बड़ी बात यह है कि वर्ष 1995 में वह दक्षिण अफ्रीका के हाई कोर्ट में नियुक्त होने वाली पहली अश्वेत महिला न्यायाधीश बनीं।

अंतरराष्ट्रीय न्याय के क्षेत्र में बड़ा योगदान

रवांडा के नरसंहार से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण में नवी पिल्लै ने न्यायाधीश और अध्यक्ष के रूप में काम किया। वहां उनके योगदान से अंतरराष्ट्रीय कानून में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई। यहां यौन हिंसा को परिस्थितियों और इरादे के आधार पर नरसंहार के अपराध के रूप में भी मान्यता दी गई।
इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में काम किया। फिर वह 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं। हालियां वर्षों में उन्होंने फलस्तीन से जुड़े संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग की अध्यक्षता भी की।

पढ़ें :- ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसायटी में 12वीं मंजिल से गिरकर युवक की मौत, जांच में जुटी पुलिस

नोबेल पुरस्कार क्यों मिला?

नोबेल समिति के मुताबिक, नवी पिल्लै ने अंतरराष्ट्रीय कानून और न्यायिक संस्थाओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि यह पुरस्कार ऐसे समय में दिया गया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और संघर्ष लगातार जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था पर काफी दबाव भी बढ़ रहा है।

नवी पिल्लै का नाम इस सम्मान के साथ उन लोगों में शामिल हो गया है, जिन्होंने मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय न्याय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। बता दें कि यह पुरस्कार समारोह 10 दिसंबर 2026 को ओस्लो में आयोजित होना तय है।

यह पुरस्कार केवल एक व्यक्ति के सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि स्थायी शांति के लिए न्याय, मानवाधिकार और कानून का सम्मान करना बेहद जरूरी है।

पढ़ें :- यूपी राज्यसभा की 10 सीटों पर निर्विरोध चुनाव संपन्न, बीजेपी के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी जीते
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...