कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के आंदोलन को भगवान शिव की बारात और उनके तांडव से जोड़कर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के प्रदर्शन को अराजकता फैलाने वालों की जमात करार दिया, जिसके बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
Delhi Protest: वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब बयानबाजी के नए दौर में पहुंच गया है। राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ने वाले किसी भी दल के नेता या कार्यकर्ता इस आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं। राहुल ने प्रदर्शन को किसी तय योजना के बजाय एक ऐसे आंदोलन के रूप में पेश किया, जिसमें परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तय होगी।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि यह शिवजी का नृत्य और उनकी बारात है, जिसमें शामिल होने के लिए किसी को रोका नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों के प्रदर्शन को ‘शिवजी की बारात’ बताया और इसमें शामिल होने की अपील की।
राहुल के इस बयान पर अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि, ‘इसे शिवजी की बारात कहना उचित नहीं है, बल्कि यह अराजकता फैलाने वाले लोगों का जमावड़ा है, हुड़दंगियों की जमात है।’ उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार की निराशा सड़क पर आंदोलन के जरिए जाहिर करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है… https://t.co/vRFMcCxIbi
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) October 12, 2026
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चौहान ने कांग्रेस के शासनकाल का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए और कहा कि, संविधान की बात करने से पहले पार्टी को अपने राजनीतिक इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता संदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की। उन्होंने इसे हिंदू विरोधी सोच से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
इस पूरे विवाद के बीच राजनीतिक बहस अब चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल तक पहुंच गई है। कांग्रेस जहां अपने आंदोलन को संविधान बचाने की लड़ाई बता रही है, वहीं बीजेपी उसके तौर-तरीकों और बयानों पर सवाल उठा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ने की संभावना है।