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Video: तीन बार अल्लाह हू अकबर बोला… फिर सिर हिलाया; जिपलाइनर के इशारा करते ही पहलगाम में चली गोलियां

Pahalgam Attack Video: पहलगाम में 22 अप्रैल हुए आतंकी हमले से जुड़ी जो, जानकारियां अब तक सामने आ रहीं हैं, वह इस बात की ओर इशारा करती हैं कि 26 पर्यटकों को मौत के घाटे उतारने वाले आतंकियों को स्थानीय लोगों ने मदद की थी। दरअसल, इस हमले से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे जिपलाइन का आनंद ले रहे एक पर्यटक ने कैमरे में कैद किया था।

By Abhimanyu 
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Pahalgam Attack Video: पहलगाम में 22 अप्रैल हुए आतंकी हमले से जुड़ी जो, जानकारियां अब तक सामने आ रहीं हैं, वह इस बात की ओर इशारा करती हैं कि 26 पर्यटकों को मौत के घाटे उतारने वाले आतंकियों को स्थानीय लोगों ने मदद की थी। दरअसल, इस हमले से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसे जिपलाइन का आनंद ले रहे एक पर्यटक ने कैमरे में कैद किया था।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलगाम हमले के समय मौके पर मौजूद ऋषि भट्ट ने उस दिन की पूरी कहानी शेयर की है। उनका एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें वह जिपलाइन का आनंद ले रहे हैं। वायरल वीडियो में ऋषि भट्ट काफी खुश नजर आ रहे हैं, जबकि उनके पीछे आतंकी लोगों पर गोलियां चलते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान जिपलाइन करवाने वाले शख्स पर ऋषि भट्ट को 100 प्रतिशत शक है। उनका कहना है कि उस जिपलाइनर को पहलगाम में आतंकियों के बारे में पहले से कुछ पता हो सकता है।

ऋषि भट्ट ने दावा करते हुए कहा कि उन्हें उस जिपलाइन वाले व्यक्ति पर पूरा 100 प्रतिशत शक है। उन्होंने कहा, ‘मेरे आगे जिपलाइन करने वाले अन्य 9 लोग थे। जिन्हें उसने आराम से जिपलाइन करवाया, जिपलाइन वाला व्यक्ति पहले ‘मिनी स्विट्जरलैंड, मिनी स्विट्जरलैंड’ कह रहा था, लेकिन जैसे ही मैं जिपलाइन पर निकला तो वह तीन बार अल्‍लाह हू अकबर बोलने लगा। इसके तुरंत बाद ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।”

भट्ट ने कहा, “मुझे शक है कि वह इसमें शामिल हो सकता है या फिर उसे इस आतंकी हमले के बारे में कुछ पता हो सकता है, क्‍योंकि मेरे आगे निकलने वाले लोगों के समय वो कुछ नहीं बोला, लेकिन मेरे निकलते ही उसने नारे लगाने शुरु किए और फायरिंग शुरू हो गई।” उन्होंने कहा, ‘मुझे तब इस बात का अहसास नहीं हुआ, लेकिन हमले के बाद 23 अप्रैल 2025 को जब मैं अहमदाबाद पहुंचा और शाम को बैठकर पूरी फैमिली के साथ वीडियो देख रहा था। तब ये बात मेरे नोटिस में आयी की जिपलाइन करवाने वाले शख्‍स ने क्‍या किया था।’

ऋषि भट्ट ने बताया कि वह अपनी फैमिली के साथ दोपहर के समय पहलगाम पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने कुछ वीडियो और फोटोज खीचीं। उस समय माहौल बिल्कुल ठीक था। फिर उन्होंने वहां जिपलाइन का टिकट लिया। पहलगाम हमले के समय मौजूद भट्ट ने बताया कि उनसे पहले वहां 3 लोगों का एक परिवार पहुंचा था। जिसके बाद अन्य तीन 3 लोगों की एक फैमिली थी फिर उनका परिवार था।

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उन्होंने कहा था कि सब नीचे पहुंच गए थे फिर उनकी पत्नी और बेटा भी नीचे पहुंचे। उनके सामने आते ही वहां कुछ आतंकियों ने लोगों को गोली मार दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसी ने जिपलाइन करवाने वाले शख्स को पूछताछ के लिए बुलाया है।

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