पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा (Train Accident) हो गया है। कराची से पेशावर जा रही रहमान बाबा एक्सप्रेस (Rehman Baba Express) मुल्तान में शेर शाह पुल के पास पटरी से उतर गई। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 5:15 बजे हुआ। इस दुर्घटना में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए हैं।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा (Train Accident) हो गया है। कराची से पेशावर जा रही रहमान बाबा एक्सप्रेस (Rehman Baba Express) मुल्तान में शेर शाह पुल के पास पटरी से उतर गई। पुलिस के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 5:15 बजे हुआ। इस दुर्घटना में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए हैं।
हादसे में कितना नुकसान हुआ?
रेल हादसे (Train Accident) में ट्रेन के सभी 14 डिब्बे पटरी से उतर गए। पुलिस और बचाव अधिकारियों के मुताबिक, घायलों को मुल्तान के निश्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है। मौके पर स्थानीय पुलिस बल राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
हादसे से पहले ट्रेन के डिब्बे की हुई थी मरम्मत?
हादसे के बाद एक यात्री ने ट्रेन के नौवें डिब्बे की मरम्मत को लेकर दावा किया है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री ने बताया कि हादसे से पहले रोहरी के पास इस डिब्बे के नट-बोल्ट की मरम्मत की गई थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कथित मरम्मत का ट्रेन के पटरी से उतरने से कोई संबंध था या नहीं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हादसे पर जताया दुख
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Pakistan’s Prime Minister Shehbaz Sharif) ने हादसे में लोगों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए, साथ ही घायलों को बिना देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है।
पाकिस्तान में पहले कब हुआ था ऐसा हादसा?
फिलहाल हादसे की वजह का पता नहीं चला है। पाकिस्तान रेलवे और संबंधित अधिकारियों से बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ और जानकारी मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान की पुरानी रेल व्यवस्था में पहले भी बड़े हादसे हो चुके हैं। अगस्त 2023 में सिंध प्रांत के नवाबशाह के पास हजारा एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। उस दुर्घटना में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस हादसे के बाद रेलवे की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठे थे।