Parliament Budget Session 2026 Live: संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ में सोमवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पश्चिम एशिया (West Asia) में बने हालात को लेकर बयान दे रहे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि पश्चिम एशिया में जंग से भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। हमारे सभी मिशन प्रभावित भारतीयों की मदद करने में जुटे हैं।
Parliament Budget Session 2026 Live: संसद के बजट सत्र का दूसरा हाफ में सोमवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पश्चिम एशिया (West Asia) में बने हालात को लेकर बयान दे रहे हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि पश्चिम एशिया में जंग से भारत सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। हमारे सभी मिशन प्रभावित भारतीयों की मदद करने में जुटे हैं।
पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और उसकी वजह से भारत के सामने आई चुनौतियों पर अपनी बात रखने के लिए खड़ा हुआ है। इस संकट को अब तीन हफ्ते से ज्यादा हो रहे हैं। पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है। इस युद्ध ने भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की संसद से भी यह संदेश दुनिया में जाना चाहिए कि संकट का जल्द समाधान हो। उन्होंने युद्ध के बीच स्वदेश लौटे भारतीयों की जानकारी सदन में दी और कहा कि भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारे मिशन प्रभावित देशों में लगातार भारतीयों की मदद कर रहे हैं।
Speaking in the Lok Sabha. https://t.co/BIrR385m4O
— Narendra Modi (@narendramodi) March 23, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 11 साल में अपनी क्रूड ऑयल इम्पोर्ट का डाइवर्सिफिकेशन किया है। पहले 27 देशों से एनर्जी इम्पोर्ट होता था, आज 41 देशों से इम्पोर्ट हो रहा है. हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी में भी वृद्धि हुई है। हमारे पास 53 लाख मीट्रिक टन क्रूड ऑयल का रिजर्व है। हमारा लक्ष्य 65 लाख मीट्रिक टन का है। हमारा प्रयास है कि हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज सुरक्षित भारत पहुंचें। हम हर पक्ष से संवाद कर रहे हैं। ऐसे प्रयासों के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हमारे कई जहाज भारत आए भी हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर बहुत काम हुआ है। पेट्रोल में 20 परसेंट इथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे भी बचत हो रही है। हमने मेट्रो का नेटवर्क बढ़ाया है। हमने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बहुत अधिक बल दिया। आज वैकल्पिक ईंधन पर जिस कदर काम हो रहा है, भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा। एनर्जी आज इकोनॉमी की रीढ़ है। ग्लोबल एनर्जी जरूरतों को पूरा करने वाला वेस्ट एशिया है। दुनियाभर की अर्थव्यवस्था वर्तमान संकट से प्रभावित हो रही है। सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मिड टर्म और लॉन्ग टर्म असर के लिए भी रणनीति के साथ काम कर रही है।
हम हर स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा कर रहे हैं. जहां भी जरूरत है, सपोर्ट दिया जा रहा है। इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है, जो हर रोज मिलता है। साझा प्रयासों से हम परिस्थितियों का बेहतर सामना कर पाएंगे। भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न है। खरीफ सीजन की ठीक से बुवाई हो सके। सरकार ने खाद्य की पर्याप्त व्यवस्था की है। हमने पहले भी किसानों पर संकटों का बोझ नहीं पड़ने दिया था। दुनिया के बाजार में यूरिया की एक बोरी तीन हजार रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन भारत के किसानों को वही बोरी तीन सौ रुपये से भी कम कीमत पर दी गई थी।
कम हुई है डीजल पर निर्भरता : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि किसानों को 22 लाख से अधिक सोलर पंप दिए गए हैं। इससे भी उनकी डीजल पर निर्भरता कम हुई है। सरकार किसानों की मदद करती रहेगी। गर्मी का मौसम शुरू होने वाला है। आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी। पावर जेनरेशन से सप्लाई तक, सभी सिस्टम की मॉनिटरिंग की जा रही है। रिन्यूएबल एनर्जी से भी मदद मिली है। देश ने बड़े कदम उठाए हैं। आधा हिस्सा रिन्यूएबल सोर्स से आता है। बीते 11 वर्षों में देश ने अपनी सोलर पावर कैपेसिटी तीन गीगावाट से बढ़ाकर 100 गीगावाट के पार पहुंचा दिया है। गोवर्धन योजना के तहत बॉयो गैस प्लांट भी काम करना शुरू कर चुके हैं। ये सारे प्रयास आज काम आ रहे हैं। सरकार ने न्यूक्लियर एनर्जी को भी प्रोत्साहित किया है। अगले पांच वर्षों में 1500 सौ नई पावर कैपेसिटी जोड़ी जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट, कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त किया है। सभी से तनाव कम करने, संघर्ष खत्म करने का आग्रह किया है। एनर्जी इंफ्रा पर हमले का विरोध किया है। होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट अस्वीकार्य है। कमर्शियल जहाजों पर हमले अस्वीकार्य हैं। भारत सुरक्षित आवाजाही के लिए डिप्लोमेसी के जरिये प्रयास किया है। बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। हमारे हर प्रयास संघर्ष को समाप्त करने के लिए है।