कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।
खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर बयान देने के बजाय संसद में अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड करके संसद के बाहर एकतरफा मन की बात करनी चाहिए।
जब संसद चल रही होती है तो प्रधानमंत्री को संसद के पटल पर Statement देना होता है, देर रात एक वीडियो बनाकर, संसद के बाहर एकतरफ़ा “मन की बात” नहीं करनी होती !! @narendramodi जी,
आज संसद में आने से पहले, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त कर के आइएगा। पहले छात्रों से माफ़ी माँगिए और…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 24, 2026
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उन्होंने आगे लिखा कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), आज संसद आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को हटाकर आइए। सबसे पहले छात्रों से माफी मांगिए और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए, जिन्होंने छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी, डंडे और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया। इसके बाद हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं।
खरगे की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा, जिसमें तेज सुनवाई वाली अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होगा।