1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. पीएम मोदी संसद में बयान दें, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड कर एकतरफा मन की बात करें : मल्लिकार्जुन खरगे

पीएम मोदी संसद में बयान दें, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड कर एकतरफा मन की बात करें : मल्लिकार्जुन खरगे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।

पढ़ें :- गोरखपुर में फ्लाईओवर लोकार्पण का निमंत्रण न मिलने पर BJP के दिग्गज सांसद का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर लिखी ये बात

खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर बयान देने के बजाय संसद में अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड करके संसद के बाहर एकतरफा मन की बात करनी चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा कि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), आज संसद आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को हटाकर आइए। सबसे पहले छात्रों से माफी मांगिए और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए, जिन्होंने छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी, डंडे और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया। इसके बाद हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं।

खरगे की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा, जिसमें तेज सुनवाई वाली अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होगा।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...