श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) से जुड़े घटनाक्रम के बीच एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक गोपाल राव (Gopal Rao) ने मंदिर परिसर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि वह 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक के दौरान ही कारसेवक पुरम में शिफ्ट हो गए थे।
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) से जुड़े घटनाक्रम के बीच एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर ट्रस्ट के व्यवस्थापक गोपाल राव (Gopal Rao) ने मंदिर परिसर छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि वह 6 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक के दौरान ही कारसेवक पुरम में शिफ्ट हो गए थे।
सूत्रों का कहना है कि गोपाल राव (Gopal Rao) को ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य के पद से पहले ही हटा दिया गया है। इसके साथ ही उनका कार पास भी सरेंडर करा दिया गया है, जिसके बाद मंदिर परिसर में उनकी प्रशासनिक गतिविधियां भी समाप्त हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट में हाल में हुए प्रशासनिक बदलावों के क्रम में यह कार्रवाई हुई है। चढ़ावा प्रकरण और उसके बाद ट्रस्ट में हुए फेरबदल के बीच गोपाल राव (Gopal Rao) का मंदिर परिसर छोड़ना कई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से इस घटनाक्रम पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए गोपाल राव (Gopal Rao) के स्थानांतरण और उनके अधिकारों में हुए बदलाव के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
गोविंद देवगिरी से मिलने पहुंचे संत, गोपाल राव भी पहुंचे
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी (Ram Mandir Trust Treasurer Govind Devgiri) से मिलने के लिए रामनगरी के संतों का प्रतिनिधि मंडल वैदेही भवन पहुंचा हुआ है। संत बंद कमरे में उनके साथ वार्ता कर रहे हैं। इसी बीच गोपाल राव भी यहां पहुंचे हैं और गोविंद देवगिरी के साथ वार्ता कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कोषाध्यक्ष रामनगरी के संतों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (Ayodhya’s Raja Vimalendra Mohan Pratap Mishra) के पुत्र यतींद्र मोहन मिश्रा भी यहां मौजूद हैं। उन्हें एक रिक्त पद पर नए सदस्य के रूप में राष्ट्र में शामिल किए जाने की पूरी संभावना है।