1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Ravi Pradosh Vrat Shubh Muhurat : रवि प्रदोष व्रत कल, भगवान शिव की उपासना करने से होता है लाभ

Ravi Pradosh Vrat Shubh Muhurat : रवि प्रदोष व्रत कल, भगवान शिव की उपासना करने से होता है लाभ

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। शिव भक्तों के लिए रवि प्रदोष व्रत  का बहुत महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Ravi Pradosh Vrat Shubh Muhurat : हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है।भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। शिव भक्तों के लिए रवि प्रदोष व्रत  का बहुत महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत का पालन करने से व्यक्ति के सभी कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं। बता दें कि कल यानी 15 सितंबर 2024, रविवार के दिन रवि प्रदोष व्रत का पालन किया जाएगा। पौराणिक कथओं के अनुसार , जो शिव भक्त सच्चे भक्ति भाव रवि प्रदोष व्रत का पालन करता है उसे जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

पढ़ें :- Radha Ashtami Asht Sakhiyon 2026 : राधा रानी की अष्ट सखियों के रहस्य और उनके मंदिर ,

मुहूर्त 
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का शुभारंभ 15 सितंबर शाम 06:12 पर होगा. प्रदोष काल में पूजा हेतु यह व्रत 15 सितंबर, रविवार के दिन ही रखा जाएगा. इस दिन प्रदोष पूजा मुहूर्त शाम 06:28 से रात्रि 08:45 के बीच रहेगा

शिव जी का पूजन मंत्र
श्री महेश्वराय नम:

ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात ।।
शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।

भगवान को अर्पित करें 
भगवान शिव की पूजा के विशेष नियम है। भगवान शिव को अर्पित की जाने वाली वस्तुओं का विशेष महत्व है। भगवान शिव पर अक्षत, पान, सुपारी, रोली, मौली, चंदन, लौंग, इलायची, दूध, दही, शहद, घी, धतूरा, बेलपत्र, कमलगट्टा आदि भगवान को अर्पित करें।

पढ़ें :- Mahalaxmi Vrat 2026 : आज से महालक्ष्मी व्रत प्रारंभ , समृद्धि- सौभाग्य के लिए करें श्री सूक्त का पाठ

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...