हिंदू धर्म में अधिक मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। वैदिक पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित है, जबकि मौसम और वर्ष सूर्य की गति से चलते हैं।
Purushottam Month 2026 : हिंदू धर्म में अधिक मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। वैदिक पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित है, जबकि मौसम और वर्ष सूर्य की गति से चलते हैं। हर साल दोनों में लगभग 11 दिनों का अंतर आ जाता है। यही अंतर धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। लगभग 3 साल में यह अंतर करीब 30 दिनों का हो जाता है। तब इस अतिरिक्त समय को संतुलित करने के लिए एक पूरा महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे पुरुषोत्तम मास या अधिक मास कहते हैं।
यह पूरा महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान किए गए पूजा-पाठ, दान-पुण्य और साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है। लेकिन इस महीने के कुछ नियम भी होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है।
भगवान विष्णु की करें पूजा
इस पूरे महीने रोजाना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी माना जाता है।
सात्विक जीवनशैली
इस दौरान तामसिक भोजन से बचें और सात्विक भोजन ग्रहण करें। साथ ही संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना भी लाभकारी माना गया है।
तीर्थ स्नान और पूजा
नदी स्नान, व्रत और विशेष पूजा-अर्चना करने से आत्मिक शुद्धि होती है और पापों का नाश होता है।