महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के नेता अजित पवार (Ajit Pawar) की प्लेन क्रैश में मौत होने का मामला अब तक प्रशासन दुर्घटना ही मान रहा है। अजित पवार (Ajit Pawar) के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी इसे हादसा ही करार दिया था, लेकिन अब फैमिली के अहम सदस्य रोहित पवार (Rohit Pawar) ने इस मामले में सनसनीखेज दावे किए हैं।
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के नेता अजित पवार (Ajit Pawar) की प्लेन क्रैश में मौत होने का मामला अब तक प्रशासन दुर्घटना ही मान रहा है। अजित पवार (Ajit Pawar) के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी इसे हादसा ही करार दिया था, लेकिन अब फैमिली के अहम सदस्य रोहित पवार (Rohit Pawar) ने इस मामले में सनसनीखेज दावे किए हैं। उनका कहना है कि यह घटना एक साजिश थी, जिसे 100 फीसदी एक हादसे का रूप दिया गया है। यह पहला मौका है, जब पवार फैमिली के किसी सदस्य ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं और इसे एक साजिश बता दिया है। रोहित पवार (Rohit Pawar) के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज होने की आशंका है। पहले शरद पवार (Sharad Pawar) ने ही इसे हादसा बताया था और इसे लेकर भी रोहित पवार (Rohit Pawar) से सवाल हुआ।
इस पर रोहित ने कहा कि तब पूरी जानकारी नहीं मिल पाई थी। अब इस संबंध में तथ्य पता चल रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। रोहित पवार (Rohit Pawar) ने मीडिया से बात करते हुए VSR पर भी सवाल उठाए। यह वही कंपनी है, जो विमान का परिचालन कर रही थी। उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त पर आखिर प्लान ही क्यों बदला, जब अजित पवार (Ajit Pawar) सड़क मार्ग से ही बारामती आने वाले थे। इसके अलावा उन्होंने ARROW कंपनी पर भी सवाल खड़े किए, जिसने VSR को हायर किया था। उन्होंने कहा कि मेरा पक्का यकीन है कि यह घटना कोई हादसा नहीं है बल्कि साजिश थी। क्रैश से ठीक पहले कैसे ट्रांसपोंडर बंद किया गया। क्यों और किसने बंद किया?
सवाल उठाने को दिल्ली आ रहे हैं रोहित पवार
रोहित पवार (Rohit Pawar) अब इन सवालों को लेकर दिल्ली भी आ रहे हैं और मीडिया से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आखिर जिस रनवे पर प्लेन उतरा वहां स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बाद भी प्लेन क्यों लैंड कराने की कोशिश हुई। इसी को लेकर उन्होंने कहा कि जब रनवे 11 पर लैंडिंग करना रनवे 29 के मुकाबले ज्यादा कठिन था तो फिर रनवे 11 पर ही क्यों विमान उतारा गया। क्या पायलट को झपकी लग गई थी या फिर कुछ और हुआ। जब विमान हिल रहा था और एक दिशा में झुकने लगा तो पायलटों ने क्यों कुछ नहीं किया। ऐसे कई सवाल रोहित पवार ने उठाए हैं और वह इसी मसले पर अब दिल्ली में भी मीडिया को बुला रहे हैं।
दृश्यता कम थी, फिर भी क्यों उड़ा काका का विमान?
पवार फैमिली के नेता ने कहा कि मुंबई से प्लेन को क्यों उड़ने दिया गया, जबकि तब विजिबिलिटी कम थी। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार ऐसे हालात में फ्लाइट को परमिशन नहीं दी जा सकती। संदेह को और गहरा करते हुए उन्होंने कहा कि अजित काका ने बीते कुछ समय से अपनी आदतों में बदलाव किए थे। वह प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद कर चुके थे। वह शीशे के गिलासों में ही पानी पीते थे। उन्हें डर था कि प्लास्टिक के गिलासों में कुछ भी इंजेक्ट किया जा सकता है। एक सवाल उनका यह भी था कि आखिर जिस सीनियर पायलट को फ्लाइट उड़ानी थी, वह क्यों नहीं आया।
वीएसआर नाम की विमानन कंपनी विमान सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करती, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है
एनसीपी-एससीपी नेता रोहित पवार ने वीएसआर नाम की विमानन कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कंपनी विमान सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं करती, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रोहित पवार ने कहा कि नियम के मुताबिक पायलट की ड्यूटी के बाद 12 घंटे का आराम जरूरी होता है, लेकिन कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती। रोहित पवार ने दावा किया कि कई विमानों में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर बंद रहता है। इसके अलावा, उड़ान से पहले विमान की पूरी जांच (चेकलिस्ट और टेकलॉग) ठीक से नहीं रखी जाती। उन्होंने बताया कि हर विमान और उसके इंजन की एक तय उम्र होती है। एक निश्चित समय के बाद इंजन और कई जरूरी उपकरण बदलने होते हैं। लेकिन कंपनी ने इन नियमों का पालन नहीं किया।
पवार के आरोप, डीजीसीए पर सवाल भी उठाए
पवार ने आरोप लगाया कि कुछ विमानों को 100 घंटे उड़ाया गया, लेकिन रिकॉर्ड में सिर्फ 50 घंटे ही दिखाए गए। रोहित पवार ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के कुछ अधिकारी वीएसआर कंपनी के मालिक सिंह के करीबी हैं, जिससे कंपनी को फायदा मिला।
रोहित पवार ने कुछ हादसों का दिया उदाहरण
उन्होंने दावा किया कि 2023 में मुंबई में हुआ विमान हादसा और अजित पवार से जुड़ा हादसा भी इसी लापरवाही का नतीजा था। उन्होंने अपील की कि मुख्यमंत्री, मंत्री, नेता या कोई भी व्यक्ति, चाहे कितनी भी आपात स्थिति हो, वीएसआर के विमान का इस्तेमाल न करे। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सचिन तेंदुलकर ने भी दिल्ली यात्रा के लिए वीएसआर का विमान इस्तेमाल किया था।
वीएसआर की रिपोर्ट और डीजीसीए पर आरोप
रोहित पवार ने आगे बताया कि यूरोप की विमानन सुरक्षा एजेंसी ईएएसए ने 2023 के हादसे को लेकर वीएसआर से जानकारी मांगी थी, लेकिन सही जानकारी नहीं दी गई। यहां तक कि डीजीसीए के माध्यम से भी रिपोर्ट नहीं भेजी गई। जानकारी न मिलने पर ईएएसए ने वीएसआर की ‘थर्ड कंट्री ऑपरेटर’ की अनुमति रद्द कर दी और उसका लाइसेंस रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीसीए के जरिए यूरोपीय एजेंसी को भेजी जाने वाली रिपोर्ट को जानबूझकर रोका गया। पवार ने यह भी दावा किया कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने उन्हें बताया कि एक राजनीतिक व्यक्ति, जिसे विमानन क्षेत्र का अनुभव है, ने यह रिपोर्ट रुकवाई। हालांकि, उस व्यक्ति का नाम अभी सामने नहीं आया है।