स्कूटर चलाने में बैलंस की झंझट को दूर करने के लिए बाजार में सेल्फ-बैलेंसिंग सिस्टम वाला OMO X स्कूटर पेश किया गया है।
Self-balancing electric scooter : स्कूटर चलाने में बैलंस की झंझट को दूर करने के लिए बाजार में सेल्फ-बैलेंसिंग सिस्टम वाला OMO X स्कूटर पेश किया गया है। ओमोवे नाम की कंपनी ने OMO X नाम का एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर पेश किया है, जो एआई और रोबोटिक्स की मदद से खुद संतुलित रह सकता है। यह तकनीक भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी की एक झलक मानी जा रही है।
खुद खड़ा रहेगा स्कूटर
OMO X अपने खास सेल्फ-बैलेंसिंग सिस्टम के कारण खुद संतुलित रह सकता है। वहीं तकनीक की बात करें तो इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में एडवांस सेंसर (Advanced Sensor) और जाइरोस्कोप तकनीक (Gyroscope technology) का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर बेहद कम स्पीड पर चलने या पूरी तरह रुक जाने के बाद भी खुद को सीधा रख सकता है।
एआई और रोबोटिक्स
इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में कंपनी का OMO-ROBOT प्लैटफॉर्म इस्तेमाल किया गया है। यह सिस्टम सेंसर, डिसीजन-मेकिंग सॉफ्टवेयर (Decision-making software), कैमरा और मेकैनिकल कंट्रोल को एक साथ जोड़कर काम करता है।
एयरोस्पेस ग्रेड जाइरोस्कोप और मशीन लर्निंग आधारित एल्गोरिदम स्कूटर को लगातार संतुलित रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि इसे भविष्य के स्मार्ट और ऑटोमेटेड टू-व्हीलर्स की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा फीचर्स
इसमें कई ऐसे स्मार्ट फीचर्स दिए गए हैं जो राइडिंग को सुरक्षित बनाने का काम करते हैं। स्कूटर में स्लिप प्रिवेंशन सिस्टम, कॉर्नरिंग असिस्ट और ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस जैसी तकनीक शामिल की गई है।
इसके अलावा यह सड़क पर संभावित खतरे को पहचानकर स्वतः प्रतिक्रिया देने में भी सक्षम है। जरूरत पड़ने पर यह स्पीड को एडजस्ट कर सकता है और राइडर को अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है।
स्मार्टफोन से होगा कंट्रोल
इस स्कूटर का एक और दिलचस्प फीचर रिमोट कंट्रोल क्षमता है। यूजर अपने स्मार्टफोन के जरिए इसे नियंत्रित कर सकता है। ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम (Automated Parking System) भी इसमें दिया गया है, जिससे भीड़भाड़ वाली जगहों पर वाहन पार्क करना काफी आसान हो सकता है।
कहां होगी शुरुआत?
कंपनी ने बताया है कि OMO X का उत्पादन शुरू हो चुका है और इसे पहले इंडोनेशिया के बाजार में उतारा जाएगा। यदि यह तकनीक सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में अन्य देशों में भी इसकी एंट्री हो सकती है।