1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. जनता की दिक्कतें सुलझाईं, मिली मुख्यमंत्री की बधाई

जनता की दिक्कतें सुलझाईं, मिली मुख्यमंत्री की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जबलपुर के नगरीय विकास और आवास विभाग के उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी।

By Shital Kumar 
Updated Date

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए प्लेटफार्म निरंतर उपयोगी रहें इसके लिए इनके संचालन और प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों का सजग सक्रिय रहना आवश्यक है। सीएम हेल्पलाइन एक ऐसा माध्यम है, जिससे नागरिकों की लंबित समस्याओं का समाधान संभव होता है। इसे प्रभावी बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारी-कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।

पढ़ें :- सरकार के पास दिया जलाने का पैसा है, पर हमारे हॉस्टल के लिए नहीं, राहुल गांधी बोले- मोदी जी उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?

दो यंत्रियों को‍ मिली मुख्यमंत्री की बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा जबलपुर के नगरीय विकास और आवास विभाग के उपयंत्री मनोज पटेल को सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के लिए बधाई दी। इसी तरह सीहोर जिले में पदस्थ ऊर्जा विभाग के सहायक यंत्री श्री रवि चौहान को सीएम हेल्पलाइन के 98.57 प्रतिशत प्रकरणों के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव की बधाई मिली।

विभागों में ऊर्जा और जिलों में रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर, सिंगरौली की हुई प्रशंसा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए उनके निराकरण के लिए किए गए कार्य में प्रथम आए ऊर्जा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। प्रदेश के‍जिन जिलों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, उनमें रायसेन, सीहोर, कटनी, सागर और सिंगरौली के नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन जिलों के कलेक्टर्स और उनकी टीम को श्रेष्ठ कार्य की प्रशंसा करते हुए बधाई दी।

पढ़ें :- मध्य प्रदेश में उफनते नाले में श्रद्धालुओं की कार बही: ओडिशा के 7 समेत 8 की मौत, मां बगलामुखी के दर्शन करने जा रहे थे

जबलपुर में लैंड रिकार्ड के नवाचार की प्रशंसा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे जबलपुर में राजस्व अभिलेखागार के शुभारंभ में गए थे, जहां बरसों पुराने लैंड रिकार्ड को प्लास्टिक बैग में सुरक्षित करने, उनकी हार्डकॉपी और सॉफ्ट कॉपी की व्यवस्था करने का कार्य किया गया है। समस्त रिकार्ड का लोकेशन निर्धारित कर यह जानने की ऑनलाईन व्यवस्था की गई है कि दस्तावेज किस जगह संधारित किया गया है। यह नवाचार प्रशंसनीय है और अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का कारण भी बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर कलेक्टर जबलपुर दीपक सक्सेना को इस नवाचार की जानकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को प्रदान की।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...