देश में सत्ता परिवर्तन और देश की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में ‘रिजीम चेंज’ न कभी हुआ है और न आगे होगा। भागवत ने यह टिप्पणी उन नेताओं पर निशाना साधते हुए की, जो सत्ता बदलकर अपने मनपसंद लोगों को सत्ता में लाने की कोशिश करते हैं।
नई दिल्ली। देश में सत्ता परिवर्तन और देश की राजनीतिक व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में ‘रिजीम चेंज’ न कभी हुआ है और न आगे होगा। भागवत ने यह टिप्पणी उन नेताओं पर निशाना साधते हुए की, जो सत्ता बदलकर अपने मनपसंद लोगों को सत्ता में लाने की कोशिश करते हैं।
इसके अलावा मोहन भागवत ने कहा कि भारत की व्यवस्था को किसी बाहरी ताकत या राजनीतिक बदलाव के जरिए मनमाने तरीके से नहीं बदला जा सकता। कथित तौर पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग सत्ता बदलकर अपने ‘पिट्ठू’ बैठाना चाहते हैं, लेकिन भारत की अपनी एक अलग व्यवस्था और सोच है।
सत्ता बदलने से नहीं बदलता भारत
भारत की लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि देश में सरकारें बदलती रही हैं, लेकिन भारत की मूल व्यवस्था और उसकी पहचान बनी रही है। उनके मुताबिक, भारत को केवल सत्ता परिवर्तन के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। आपको बता दें कि भागवत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में राजनीतिक दलों के बीच सरकार, लोकतंत्र और सत्ता व्यवस्था को लेकर लगातार तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
‘भारत अपनी राह पर चलता है’
इसके साथ ही RSS प्रमुख ने भारत की स्वतंत्र सोच और उसके सांस्कृतिक आधार पर जोर दिया। उनका कहना है कि भारत को किसी दूसरे देश या बाहरी मॉडल के हिसाब से चलाने की कोशिश सफल नहीं हो सकती। क्योंकि देश अपनी परंपरा, संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ता है।
बता दें कि भागवत के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके ‘रिजीम चेंज’ और ‘पिट्ठू बैठाने’ वाले बयान को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।