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सोनिया गांधी बोलीं- मनमोहन सिंह को देश सबसे प्रभावशाली पीएम के तौर पर याद रखेगा, उनकी छवि खराब करने के लिए योजनाबद्ध और सुनियोजित अभियान चलाया गया

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Dr. Manmohan Singh) को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले (Coal block allocation case) में क्लीन चिट दी। इस पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने मंगलवार को कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi government) के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग रहा है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Dr. Manmohan Singh) को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले (Coal block allocation case) में क्लीन चिट दी। इस पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने मंगलवार को कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi government) के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग रहा है। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) को एक शांत, सरल और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा।

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सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन दिनों मोदी भारत के उन छात्रों को ‘माफ’ कर रहे हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया है। ऐसे में शायद मोदी इस मौके का इस्तेमाल मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई ‘अपमानजनक बदनामी’ के लिए खुद को माफ करने में कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोलीं सोनिया गांधी?

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  का फैसला सार्वजनिक चर्चा के सबसे दुखद अध्यायों में से एक को खत्म करता है। उन्होंने इसे ‘डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चलाया गया बदले का अभियान’ बताया। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि मनमोहन सिंह बेहद ईमानदार और साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति थे।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने लेख में कहा, कि मनमोहन सिंह के खिलाफ योजनाबद्ध और सुनियोजित अभियान चलाया गया था। इसमें नौकरशाही से लेकर मीडिया, न्यायपालिका, नागरिक समाज और निश्चित रूप से आरएसएस और भाजपा तक के लोग शामिल थे। उन्होंने कहा कि आज उनका यह झूठा अभियान अपने स्वाभाविक अंत तक पहुंच गया है। डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) हर मामले में सही साबित हुए हैं।

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’29 जुलाई राजनीतिक इतिहास का अहम दिन’

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि 29 जुलाई 2026 हमारी हाल की राजनीतिक इतिहास का एक अहम, लेकिन अनदेखा दिन था। उस दिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक अहम फैसले में कथित कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले में डॉ. मनमोहन सिंह को सीबीआई की ओर से दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखा।

उन्होंने कहा कि इससे भी अहम बात यह थी कि सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को फटकार लगाई। निचली अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई की केस बंद करने वाली रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। साथ ही, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी भी की थी, जबकि निचली अदालत के पास ऐसा करने के लिए कोई ‘ठोस कारण’ नहीं था।

नरेंद्र मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाया?

कांग्रेस नेता ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अपराध और भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनाई गई ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का स्पष्ट और बड़े स्तर पर गलत इस्तेमाल किया है।

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उन्होंने कहा, कि इसका मकसद राजनेताओं पर दबाव बनाना रहा है। नेताओं को या तो दबाव के जरिये चुप करा दिया जाता है या चालाकी से भाजपा में शामिल कर लिया जाता है। कुछ खास मामलों में तो उन्हें मंत्री पद भी दे दिया जाता है।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा, कि जब भ्रष्टाचार के विश्वसनीय आरोप सामने आते हैं, तो मोदी सरकार उन्हें आसानी से नजरअंदाज कर देती है। विपक्ष में रहते हुए भ्रष्ट और जैसे ही पार्टी बदलकर भाजपा में शामिल हुए, अचानक साफ-सुथरे!

पीएम मोदी की 2017 की टिप्पणी का जिक्र

उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि मोदी भी मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियान चलाने वालों में सबसे मुखर लोगों में शामिल थे। उन्होंने कहा कि 8 फरवरी 2017 को राज्यसभा में मनमोहन सिंह के खिलाफ मोदी की ‘व्यंग्यात्मक और बेहद आपत्तिजनक’ टिप्पणी भारतीय संसदीय इतिहास के सबसे निचले दौर के रूप में याद की जाएगी। मोदी ने उस समय कहा था कि केवल डॉ. मनमोहन सिंह को ‘रेनकोट पहनकर नहाने की कला’ आती है।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि चूंकि मोदी इन दिनों भारत के उन छात्रों को ‘माफ’ कर रहे हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया है, इसलिए शायद वह इस मौके का इस्तेमाल मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई अपनी ‘अपमानजनक बदनामी’ के लिए खुद को माफ करने में भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, आत्मचिंतन दान की तरह घर से शुरू होना चाहिए। आखिरकार डॉ. मनमोहन सिंह पर निशाना साधने का मकसद उनकी शानदार शासन व्यवस्था के रिकॉर्ड से लोगों का ध्यान हटाना था और सार्वजनिक चर्चा को दूसरी दिशा में ले जाना था।

मनमोहन सरकार में अर्थव्यवस्था पर क्या कहा?

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सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव किया। उस दौरान आर्थिक विकास की दर अभूतपूर्व रही। लोगों की खपत और निजी निवेश में भी तेजी आई। इससे भारत मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा। उन्होंने कहा कि 2008 में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था आर्थिक संकट और गिरावट का सामना कर रही थी, तब भारत ने अपनी मजबूती दिखाई।

सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने कहा, कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत की जीडीपी की वृद्धि दर की गणना के तरीके में बदलाव किए जाने के बावजूद यूपीए सरकार के 10 वर्षों में पिछले 12 वर्षों की तुलना में आर्थिक विकास ज्यादा रहा। इसके परिणामस्वरूप लाखों लोग गरीबी से बाहर आए।उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार ने शिक्षा के अधिकार के सांविधानिक वादे को पूरा किया। इसके साथ ही आईआईटी और आईआईएम जैसे केंद्र सरकार से वित्त पोषित उच्च शिक्षा संस्थानों में ओबीसी आरक्षण लागू करके सामाजिक न्याय का विस्तार किया।

उन्होंने कहा, कि वन अधिकार कानून ने आदिवासी और जंगलों में रहने वाले समुदायों के पुश्तैनी अधिकारों को मान्यता दी, जिसके लिए वे दशकों से संघर्ष कर रहे थे। मनरेगा दुनिया में कहीं भी बनाई गई सबसे शक्तिशाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक थी, जिसे हाल ही में मोदी सरकार ने खत्म कर दिया।

 

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