नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे सियासी घमासान के बीच एक छोटी और कम चर्चित पार्टी अचानक राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गई है। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) तब चर्चा के केंद्र में पहुंच गई जब तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने इसमें विलय
