नई दिल्ली। करीब चार दशक पहले नौकरी के लिए दर-दर भटकने वाली हरियाणा की सुमित्रा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब फैसला सुनाया है। अदालत ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) को उन्हें 12 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। सुमित्रा को 1988 में LPG बॉटलिंग प्लांट
