शिवसेना यूबीटी Shiv Sena (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (MP Priyanka Chaturvedi) ने शुक्रवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister of Electronics and Information Technology Ashwini Vaishnaw) को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने X प्लेटफॉर्म के AI चैटबॉट Grok के दुरुपयोग के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई। शिवसेना यूबीटी Shiv Sena (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (MP Priyanka Chaturvedi) ने शुक्रवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister of Electronics and Information Technology Ashwini Vaishnaw) को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने X प्लेटफॉर्म के AI चैटबॉट Grok के दुरुपयोग के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने आरोप लगाया कि कुछ पुरुष इस टूल का इस्तेमाल महिलाओं की तस्वीरों को यौन रूप से प्रस्तुत करने और उनकी निजता का उल्लंघन करने के लिए कर रहे हैं।
चतुर्वेदी ने पत्र में कहा कि यह ‘एक नया ट्रेंड’ सोशल मीडिया पर उभर रहा है, जिसमें नकली अकाउंट्स का उपयोग कर महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। AI बॉट को कम कपड़े पहनाने और यौन रूप से उनकी तस्वीरों को मोड़ने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह दुरुपयोग केवल नकली अकाउंट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि जो महिलाएं स्वयं अपनी तस्वीरें ऑनलाइन शेयर करती हैं, उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने पत्र में लिखा कि ‘यह अस्वीकार्य है और AI फ़ंक्शन का गंभीर दुरुपयोग है। उससे भी बुरा यह है कि Grok ऐसे अनुरोधों को मानकर इस व्यवहार को बढ़ावा दे रहा है। यह न केवल महिलाओं के निजता के अधिकार का उल्लंघन है, बल्कि उनकी तस्वीरों का अनधिकृत उपयोग भी है, जो केवल अनैतिक नहीं बल्कि अपराधी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के इस तरह के दुरुपयोग से महिलाओं की निजता और डिजिटल सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा है। सांसद ने मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और AI एप्लिकेशन में ऐसे सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएँ ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म महिलाओं के लिए सुरक्षित बनें।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग सांसद ने कहा कि भारत में महिलाओं की गरिमा को सार्वजनिक और डिजिटल रूप से उल्लंघन होने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने लिखा कि ‘हमारा देश इस बात का निरीक्षक नहीं बन सकता कि महिलाओं की गरिमा को सार्वजनिक और डिजिटल रूप से बिना किसी परिणाम के, रचनात्मकता और नवाचार के बहाने ऐसे प्रॉम्प्ट्स को मंजूरी देकर उल्लंघन किया जाए। चतुर्वेदी ने चेताया कि केवल X ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख टेक प्लेटफॉर्म्स पर भी ऐसे पैटर्न उभर रहे हैं और अधिकांशतः जांच के बिना रह जाते हैं। उन्होंने सरकार से कहा कि इस मुद्दे को प्राथमिकता दी जाए ताकि महिलाएं ऐसे अपराधों की शिकार न हों और डिजिटल दुनिया से बाहर न हो जाएं।
एआई की बढ़ती भूमिका और दुरुपयोग पर चिंता
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास और जीवन सरल बनाने में इसकी भूमिका स्वागत योग्य है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और अपराधी गतिविधियों को बढ़ावा देना स्वीकार्य नहीं है। सांसद ने आशा जताई कि सूचना और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय इस मामले को प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ उठाएगा और मंत्री से प्रतिक्रिया की मांग की। प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पत्र की कॉपी पार्लियामेंट स्टैंडिंग कमेटी ऑन कम्युनिकेशंस एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष निशिकांत दुबे और सचिव एस. कृष्णन को भी भेजी है।