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पूर्व PM मनमोहन सिंह के स्मारक की जगह हुई तय, निर्माण के लिए इतना रुपया खर्च करेगी मोदी सरकार

Dr. Manmohan Singh Memorial: भारत में आर्थिक सुधारों के जनक और दो बार के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Prime Minister Dr. Manmohan Singh) का निधन 26 दिसंबर को दिल्ली एम्स में हुआ था। उनके निधन के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार से उनका स्मारक बनाने की मांग की थी। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। वहीं, अब सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक के लिए उनके परिवार को जमीन का प्रस्ताव दिया है।

By Abhimanyu 
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Dr. Manmohan Singh Memorial: भारत में आर्थिक सुधारों के जनक और दो बार के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (Prime Minister Dr. Manmohan Singh) का निधन 26 दिसंबर को दिल्ली एम्स में हुआ था। उनके निधन के बाद कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार से उनका स्मारक बनाने की मांग की थी। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगमबोध घाट पर किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। वहीं, अब सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के स्मारक के लिए उनके परिवार को जमीन का प्रस्ताव दिया है।

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सीएनएन न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट को सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये की रकम भी दी जाएगी। इस राशि को स्मारक के निर्माण में खर्च किया जाएगा। डॉ. मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) के निधन के बाद से ही केंद्र की मोदी सरकार जमीन की तलाश में थी। इसके लिए सर्वे भी किया गया था। शहरी विकास मंत्रालय और सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) ने मिलकर मनमोहन सिंह स्मारक के लिए जमीन का फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. मनमोहन सिंह के स्मारक (Dr. Manmohan Singh Memorial) के लिए यह जमीन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Former President Pranab Mukherjee) का स्मारक बनने के लिए तय भूमि के पास ही आवंटित की गई है। इस मामले में मनमोहन सिंह के परिवार की ओर से ट्रस्ट बनाने का इंतजार सरकार की ओऱ से किया जा रहा है। इसके बाद आधिकारिक तौर पर जमीन का आवंटन होगा।

जमीन का आवंटन की भूमिका राष्ट्रीय स्मृति स्थल के तहत आती है, जिसे यूपीए सरकार ने 2013 में एक प्रस्ताव लाकर निर्धारित किया था। राष्ट्रीय स्मृति स्थल परिसर के तहत अटल बिहारी वाजपेयी का भी स्मारक है। पिछले महीने जनवरी की शुरुआत में सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्मृति स्थल का दौरा किया था और संजय गांधी की समाधि के पास ही जमीन देने की बात हुई थी। खबर है कि कुछ जगहों का प्रस्ताव मनमोहन सिंह के परिवार को दिया था, जिनमें से एक पर अब सहमति बन गई है।

गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Dr. Manmohan Singh) का अंतिम संस्कार उसी स्थान पर कराया जाए, जहां उनका स्मारक बन सके। इस पर सरकार का जवाब था कि हम स्मारक के लिए जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं। अन्य सभी नेताओं की तरह उनका भी स्मारक अच्छे से बनाया जाएगा। हालांकि उनका अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया था।

इस पर कांग्रेस समेत विपक्ष के कई दलों ने आपत्ति जताई थी। लेकिन सरकार का कहना था कि पूरे प्रोटोकॉल का पालन किया गया है। जहां स्मारक बनना है, वहीं पर अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था क्योंकि अभी जगह की तलाश की जानी है। कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, अकाली दल जैसे नेताओं ने भी आपत्ति जताई थी और कहा था कि उनकी स्मृतियों का अपमान किया गया है।

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