1. हिन्दी समाचार
  2. एस्ट्रोलोजी
  3. Triyuginarayan Temple Akhand Dhuni :  त्रियुगीनारायण मंदिर में शिव-शक्ति का दिव्य विवाह हुआ था , अखंड धूनी अभी भी जल रही है

Triyuginarayan Temple Akhand Dhuni :  त्रियुगीनारायण मंदिर में शिव-शक्ति का दिव्य विवाह हुआ था , अखंड धूनी अभी भी जल रही है

सनातनधर्म के पवित्र तीर्थों में त्रियुगीनारायण मंदिर दिव्य और चमत्कारी माना जाता है। प्राचीन त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक अत्यंत पवित्र और प्राचीन तीर्थ है। यह स्थान विशेष रूप से इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यहां भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Triyuginarayan Temple Akhand Dhuni :  सनातनधर्म के पवित्र तीर्थों में त्रियुगीनारायण मंदिर दिव्य और चमत्कारी माना जाता है। प्राचीन त्रियुगीनारायण मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित एक अत्यंत पवित्र और प्राचीन तीर्थ है। यह स्थान विशेष रूप से इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि यहां भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था।

पढ़ें :- 08 अक्टूबर 2026 का राशिफल: सिंह, कन्या और धनु राशि के लिए आज का दिन है खास

अखंड धूनी
त्रियुगीनारायण मंदिर के इस इस दिव्य विवाह में भगवान विष्णु ने पार्वती के भाई की भूमिका निभाई थी और ब्रह्मा जी पुरोहित बने थे। इस मंदिर के सामने एक अखंड अग्नि कुंड (अखंड धूनी) है, जो कहा जाता है कि विवाह के समय से ही आज तक निरंतर जल रही है।

शिव-शक्ति  विवाह
पौराणिक कथा के अनुसार, शिव-शक्ति के इस विवाह में विवाह में ‘कन्यादान’ की रस्म पूरी करते हैं और भगवान शिव (सुंदरेश्वरर) को उनका हाथ सौंपते हैं। यह भूमिका विवाह समारोह में एक भाई के सुरक्षात्मक और सम्मानजनक स्थान को दर्शाती है।

तीन प्रकार के कुंड
मान्यता है कि भगवान शिव के विवाह से पूर्व सभी देवताओं ने यहां स्नान किया, जिसके कारण यहां तीन प्रकार के कुंड बन गए जिन्हें रूद्र कुंड, विष्णु कुंड और ब्रह्मा कुंड के नाम से जाना जाता है। आज ये कुंड वैवाहिक जोड़े और संतान का सुख पाने के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है।

पढ़ें :- 07 अक्टूबर 2026 का राशिफल: बुधवार के दिन इन राशियों को मेहनत का मिलेगा अच्छा परिणाम
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...