यूपी (UP) के कासगंज जिले (Kasganj District) से एक बेहद शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिस दारोगा शराब के नशे में धुत होकर एक महिला के साथ आपत्तिजनक हरकत करता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना एसपी ऑफिस के पास हुई, और सड़क पर खुलेआम यह दारोगा कानून की धज्जियां उड़ा रहा था।
कासगंज। यूपी (UP) के कासगंज जिले (Kasganj District) से एक बेहद शर्मनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिस दारोगा शराब के नशे में धुत होकर एक महिला के साथ आपत्तिजनक हरकत करता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना एसपी ऑफिस के पास हुई, और सड़क पर खुलेआम यह दारोगा कानून की धज्जियां उड़ा रहा था। वीडियो में यह दारोगा महिला से बेहूदगी करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है, और उसकी टोपी सड़क पर पड़ी हुई है, जो यह साबित करता है कि वह नशे में पूरी तरह से चूर था।
वीडियो में दारोगा के साथ उसकी पत्नी भी थी। हालांकि वह महिला को कोई मदद नहीं कर रही थी। जब राहगीरों ने दारोगा की हरकतों पर सवाल उठाए और उसे टोका, तो वह अपनी पहचान छिपाने के लिए यह कहते हुए मुंह खोलता है कि उसने बरेली का निवासी होने का दावा किया और यह तक कह दिया कि उसने “फर्जी वर्दी” (Fake Police Uniform) पहनी हुई है। उसका यह बयान यह स्पष्ट करता है कि वह अपनी ग़लत हरकतों को छुपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।
कासगंज @Uppolice के दरोगा सार्वजनिक स्थान पर दिन दहाड़े महिला से छेड़खानी करते हुए
मेरी एक टिप्पड़ी से आहत होकर मेरे खिलाफ यूपी पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप लगाकर फर्जी केस दर्ज करने वाली यूपी पुलिस बताएगी कि यूपी पुलिस का यह कृत्य नारी बंदन बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की किस… pic.twitter.com/UHPEM9TuUs— Jitendra Verma (@jeetusp) February 20, 2025
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और जब यह पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई की। कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा (SP Ankita Sharma) ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। एएसपी राजेश भारती (ASP Rajesh Bharti) ने बताया कि यह दारोगा पुलिस लाइन (Police Line police inspector) में तैनात था, और इस शर्मनाक घटना में उसकी पत्नी भी मौजूद थी।
यह घटना यूपी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए एक बड़ी चुनौती
इस घटना ने यूपी पुलिस (UP Police) की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया है और इसने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि यदि पुलिसकर्मी खुद इस प्रकार के कृत्य करेंगे, तो आम जनता को कानून का पालन करने के लिए कौन प्रेरित करेगा? यह घटना न केवल पुलिस महकमे के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक चिंताजनक संकेत है, क्योंकि पुलिसकर्मी को कानून का पालन करने का आदर्श बनना चाहिए, न कि कानून तोड़ने वाला। सवाल यह भी उठता है कि जब रक्षक ही इस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करेंगे, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं, लेकिन यह घटना यूपी पुलिस (UP Police) की छवि को सुधारने के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।