अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे को लेकर यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ चुका है। इस बीच एक बार फिर ट्रंप ने ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर अपनी मंशा जाहिर करते हुए साफ कहा कि ग्रीनलैंड (Greenland) पर अमेरिका का नियंत्रण न होना अस्वीकार्य है।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ग्रीनलैंड (Greenland) पर कब्जे को लेकर यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ चुका है। इस बीच एक बार फिर ट्रंप ने ग्रीनलैंड (Greenland) को लेकर अपनी मंशा जाहिर करते हुए साफ कहा कि ग्रीनलैंड (Greenland) पर अमेरिका का नियंत्रण न होना अस्वीकार्य है। ट्रंप का यह बयान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President JD Vance) के डेनिश और ग्रीनलैंड (Greenland) के अधिकारियों के साथ बातचीत करने से कुछ घंटे पहले आया है।
जानिए ग्रीनलैंड पर ट्रंप की दो टूक क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने बयान में कहा कि नाटो को अमेरिका को ग्रीनलैंड (Greenland) हासिल करने में मदद करनी चाहिए और अमेरिकी नियंत्रण से कम कुछ भी अस्वीकार्य है। सोशल मीडिया साइट पर एक पोस्ट में ट्रंप ने अपने इस तर्क को दोहराया कि अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि इसे हासिल करने के लिए नाटो को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और वरना रूस या चीन इसे हासिल कर लेंगे।
इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य: ट्रंप
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ‘ग्रीनलैंड (Greenland) के अमेरिका के हाथों में आने से नाटो कहीं अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बन जाएगा। इससे कम कुछ भी अस्वीकार्य है। दरअसल, ग्रीनलैंड (Greenland) जो नाटो सहयोगी डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है, उस पर ट्रंप अपना अधिकार जताने पर अड़े हैं, जबकि ग्रीनलैंड (Greenland) लगातार अमेरिका इस मंशा का विरोध करता आ रहा है। वहीं व्हाइट हाउस ने ग्रीनलैंड पर बलपूर्वक कब्जा करने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया है।
बता दें कि जेडी वेंस (JD Vance) बुधवार को वाशिंगटन में डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन (Foreign Minister Lars Løkke Rasmussen) और उनके ग्रीनलैंड (Greenland) के समकक्ष विवियन मोट्ज़फेल्ड से ग्रीनलैंड (Greenland) के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मुलाकात करेंगे।