अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ 'अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है और उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को टालने का आदेश दिया है।
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ ‘अच्छी और सार्थक बातचीत’ हुई है और उन्होंने ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को टालने का आदेश दिया है।
A senior Iranian Foreign Ministry official: “There are no negotiations underway with the United States.”
“We reject Trump’s claim about ongoing talks, and the Islamic Republic of Iran will not accept any negotiations until its objectives in the war are achieved. Trump’s remarks… https://t.co/1SkEEQ4Nn4
— Iran Military News ☫ (@IranMilitaryEN) March 23, 2026
इस खबर पर ईरानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि हम चल रही बातचीत के बारे में ट्रंप के दावे को खारिज करते हैं और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान तब तक कोई बातचीत स्वीकार नहीं करेगा जब तक युद्ध में उसके उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते। ट्रंप की टिप्पणियां उनकी पिछली धमकियों से पीछे हटना हैं, लेकिन ईरान का रुख नहीं बदला है। जहां तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य की बात है, हम फिर से दोहराते हैं कि यह मार्ग हमलावरों के लिए बंद रहेगा।
عقبنشینی ترامپ پس از هشدار قاطع ایران
پس از آنکه جمهوری اسلامی تهدید کرد که در صورت هرگونه حمله آمریکا به زیرساختهای انرژی ایران، زیرساختهای انرژی کل منطقه را هدف قرار میدهد، ترامپ عقب نشست و گفت که دستور تعویق حمله را صادر کرده است. pic.twitter.com/3Jcl3k5YDN
— Embassy of the I.R. Iran in Kabul, Afghanistan (@IRANinKabul) March 23, 2026
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित ईरानी दूतावास ने दावा किया है कि ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिका ने उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की योजना टाल दी। डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर ईरान ने कहा कि हमारी वार्निंग से अमेरिका डर गया और अपनी योजना बदल दी। दूतावास के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को स्थगित करने का आदेश दिया। दावा किया गया है कि ईरान ने स्पष्ट किया था कि अगर उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो वह पूरे क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाएगा। वहीं, न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि ‘ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हट गए।
ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम ने एक ईरानी सूत्र का हवाला देते हुए कहा है कि जब तक ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ जारी रहेगा, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज युद्ध-पूर्व की स्थितियों में वापस नहीं लौटेगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अहम बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल पांच दिनों के लिए रोक दिया जाए। यह निर्णय अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में हुई सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत के बाद लिया गया है।
ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफार्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि दोनों देशों के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को खत्म करने के लिए गंभीर स्तर पर चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत का रुख सकारात्मक है और इसी को ध्यान में रखते हुए हमलों को अस्थायी रूप से टालने का फैसला किया गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की बातचीत की प्रगति के आधार पर ही अगला कदम तय होगा। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो उसके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। हालिया घटनाक्रम से संकेत मिल रहा है कि दोनों देश अब तीखी बयानबाजी से आगे बढ़कर कूटनीतिक समाधान की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।